आज का वचन | “देहधारण का रहस्य (4)” | अंश 13

आज का वचन | “देहधारण का रहस्य (4)” | अंश 13

छ: हजार वर्षों की प्रबंधन योजना के दौरान किया गया समस्त कार्य अब समाप्ति पर आ गया है। जब यह सब कार्य मनुष्यों पर प्रकट कर दिया जाता है और मनुष्यों के बीच कर दिया जाता है केवल उसके पश्चात् ही वे परमेश्वर के सम्पूर्ण स्वभाव और अस्तित्व को जानेंगे। जब इस चरण का कार्य पूरी तरह से सम्पन्न कर लिया जाएगा, तो मनुष्य के द्वारा नहीं समझे गए सभी रहस्यों को प्रकट कर दिया जाएगा, पहले नहीं समझे गये सभी सत्यों को स्पष्ट कर दिया जाएगा, और मानवजाति को उसके भविष्य के मार्ग और मंज़िल के बारे में बता दिया जाएगा। यही वह सब कार्य है जो इस चरण में किया जाना है। अधिक पढ़ें »

उस सच्ची कलीसिया को कैसे पायें जो बड़ी आपदा से पहले स्वर्गारोहित होगी

प्रभु यीशु ने एक बार अपनी वापसी के संकेत दिए थे, “क्योंकि जाति पर जाति, और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, और जगह-जगह अकाल पड़ेंगे, और भूकम्प होंगे। ये सब बातें पीड़ाओं का आरम्भ होंगी” (मत्ती 24:7-8)। अब आपदाएँ ज्यादा से ज्यादा भयंकर हो रही हैं। अकाल और भूकंप आ गये हैं, और महामारियाँ, आगजनी और बाढ़ एक के बाद एक आ रहे हैं। उदाहरण के लिए, दिसम्बर 2019 में चीन के वुहान में पनपा नया वायरस कोरोना दो महीनों में ही तेजी से दुनिया के दूसरे भागों में फ़ैल गया है।अधिक पढ़ें »

बुद्धिमान कुंवारियों को प्रभु का स्वागत कैसे करना चाहिए, ताकि उन्हें आपदाओं से पहले स्वर्गारोहित किया जा सके

प्रभु यीशु ने कहा, “आधी रात को धूम मची: ‘देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो’” (मत्ती 25:6)। “देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ” (प्रकाशितवाक्य 3:20)। स्पष्ट है कि अंत के दिनों में प्रभु हमारे दरवाज़ों पर दस्तक देने के लिए वचन बोलेंगे। बुद्धिमान कुंवारियां परमेश्वर की वाणी सुनेंगी और प्रभु के आगमन का स्वागत करेंगी और मेमने के पदचिह्नों का अनुसरण करेंगी। उन्हें परमेश्वर के सिंहासन के समक्ष स्वर्गारोहित किया जाएगा और वे मेमने के विवाह भोज में हिस्सा लेंगी।

बुद्धिमान कुंवारियां परमेश्वर की वाणी सुन सकती हैं और प्रभु का स्वागत कर सकती हैं

Hindi Christian Movie अंश 3 : “सिंहासन से बहता है जीवन जल” – प्रभु की वापसी का अध्‍ययन करने के लिए हमें परमेश्‍वर की वाणी सुननी चाहिए

Hindi Christian Movie अंश 3 : “सिंहासन से बहता है जीवन जल” – प्रभु की वापसी का अध्‍ययन करने के लिए हमें परमेश्‍वर की वाणी सुननी चाहिए

प्रभु के पुनरागमन से संबंधित बाइबल में उल्‍लेखित लगभग सभी भविष्‍यवाणियां पहले ही सच हो चुकी हैं। अधिकांश लोगों ने यह महसूस किया है कि प्रभु पहले ही वापिस आ चुके हैं, तो, हम किस तरह इसकी जांच करें ताकि इस विषय पर निश्चित हो सकें कि सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर ही प्रभु यीशु का पुनरागमन है या नहीं? क्‍या हमें अपना निर्णय बाइबल की भविष्‍यवाणियों पर आधारित करना चाहिए या सीधे तौर पर सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के वचन और कार्य की जांच करनी चाहिए? किस प्रकार हमें इस अत्‍यधिक दुर्लभ अवसर का लाभ उठाना चाहिए और अपने प्रभु की वापसी का स्‍वागत करना चाहिए? सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर कहते हैं, “तुम्हें जो करना चाहिए वह है बाइबल से बिना और सबूत की आवश्यकता के, किसी भी कार्य को स्वीकार करना, जब तक कि यह पवित्र आत्मा का है, क्योंकि तुम परमेश्वर का अनुसरण करने के लिए परमेश्वर पर विश्वास करते हो, न कि उसकी जाँच-पड़ताल करने के लिए। यह दिखाने के लिए कि मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ तुम्हें और सबूत नहीं खोजने चाहिए। इसके बजाय तुम्हें यह विचार करना चाहिए कि क्या मैं तुम्हारे लिए फायदेमंद हूँ, यही मुख्य बात है” (वचन देह में प्रकट होता है)।अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Song 2020 | बहुत कष्ट उठाता है परमेश्वर इंसान को बचाने के लिये (Lyrics)

Hindi Christian Song 2020 | बहुत कष्ट उठाता है परमेश्वर इंसान को बचाने के लिये (Lyrics)

देहधारण कर, बरसों काम किया है,
बहुत-सी बातें कही हैं परमेश्वर ने,
वो शुरू करता है “सेवाकर्मियों के परीक्षण” से,
फिर वो भविष्यवाणी और न्याय करना शुरू करता है,
शुद्धिकरण के लिये मृत्यु-परीक्षण का उपयोग करता है।अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Skit | सच कभी झूठ नहीं हो सकता | How to Discern the True Christ and False Christs

प्रभु यीशु ने कहा है, “देख, मैं शीघ्र आनेवाला हूँ” (प्रकाशितवाक्य 22:12)। (© BSI) अंत के दिन प्रभु के आगमन का स्वागत करने के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। जब धार्मिक सम्प्रदाय के विश्वासी झेंग हाओ’एन अपनी पत्नी को प्रभु के लौट आने की गवाही देते सुनता है, तो वह खोज और जाँच-पड़ताल करना चाहता है। अधिक पढ़ें »

प्रेम के बारे में बाइबल की आयतें: परमेश्वर के प्रेम को जानना

प्रभु यीशु ने कहा, “जैसा पिता ने मुझसे प्रेम रखा, वैसे ही मैंने तुम से प्रेम रखा, मेरे प्रेम में बने रहो” (यूहन्ना 15:9)। परमेश्वर प्रेम है, तो परमेश्वर हमसे कैसे प्रेम करता है और हमें उससे कैसे प्रेम करना चाहिए? भाई-बहन को एक-दूसरे से कैसे प्यार करना चाहिए? प्यार के बारे में बाइबल की ये आयतें हमें परमेश्वर के प्यार को जानने और परमेश्वर के लिए सच्चा प्यार हासिल करने का रास्ता दिखाती हैं। इसे पढ़ना न भूलें।

प्रेम के बारे में बाइबल की आयतें: परमेश्वर के प्रेम को जानना, bible verses about love in Hindiअधिक पढ़ें »

परमेश्वर के करीब आने का पहला तरीका: एक ईमानदार दिल के साथ परमेश्वर से प्रार्थना करो और पवित्र आत्मा द्वारा प्रेरित हो जाओ

 

प्रार्थना वह जरिया है जिसके माध्यम से हम परमेश्वर के साथ संवाद करते हैं। प्रार्थना के माध्यम से, हमारे दिल बेहतर रूप से परमेश्वर के समक्ष शांत होने में, परमेश्वर के वचन पर चिंतन करने में, परमेश्वर की इच्छा को खोजने, और परमेश्वर के साथ एक सामान्य संबंध स्थापित करने में सक्षम हो पाते हैं। लेकिन जीवन में, चूँकि हम काम-धंधे या घरेलु कार्यों में व्यस्त होते हैं, हम अक्सर केवल ऊपरी तौर पर प्रार्थना करते हैं, और हम कुछ अन्यमनस्क वचनों को कहकर परमेश्वर से रूखा व्यवहार करते हैं। इसलिए, इस तरह की प्रार्थनाओं को परमेश्वर द्वारा नहीं सुना जाता है और उन लोगों के लिए जो इस तरह से प्रार्थना करते हैं यह बहुत कठिन हो जाता है कि वे पवित्र आत्मा द्वारा प्रेरित हो सकें। जब वे इस तरह प्रार्थना करते हैं, तो वे परमेश्वर की उपस्थिति को महसूस करने में असमर्थ होते हैं, उनकी आत्माएँ अंधकारमय और कमज़ोर हो जाती हैं, और परमेश्वर के साथ उनके संबंध में अधिक से अधिक दूरी होती जाती है।अधिक पढ़ें »

2020 Hindi Christian Song | पारस्परिक रिश्ते परमेश्वर के वचनों के अनुसार बनाने चाहिए (Lyrics)

2020 Hindi Christian Song | पारस्परिक रिश्ते परमेश्वर के वचनों के अनुसार बनाने चाहिए (Lyrics)

अगर तुम ईश्वर से सही रिश्ता रखना चाहो,
तो अपना दिल उसकी ओर झुकाओ,
तब लोगों से भी रिश्ते तुम्हारे
वैसे ही होंगे जैसे होने चाहिए।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II” | अंश 112

यहोवा परमेश्वर की चेतावनी नीनवे के लोगों तक पहुंचती है

आइए हम दूसरे अंश की ओर आगे बढ़ें, योना की पुस्तक का तीसरा अध्यायः “योना ने नगर में प्रवेश करके एक दिन की यात्रा पूरी की, और यह प्रचार करता गया, ‘अब से चालीस दिन के बीतने पर नीनवे उलट दिया जाएगा।'” ये वे वचन हैं जिन्हें परमेश्वर ने नीनवे के लोगों को बताने के लिए सीधे योना को दिया था। वे स्वाभाविक रूप से वे वचन हैं जिन्हें यहोवा नीनवे के लोगों से कहना चाहता था। ये वचन हमें बताते हैं कि परमेश्वर ने नगर के लोगों से घृणा और नफरत करना शुरू कर दिया था क्योंकि उनकी दुष्टता परमेश्वर की नज़रों में आ गई थी, और इस प्रकार वह इस नगर का नाश करना चाहता था। फिर भी, इससे पहले कि परमेश्वर नगर को नष्ट करता, वह नीनवे के नागरिकों के लिए एक घोषणा करेगा, और इसके साथ-साथ वह उन्हें उनकी दुष्टता के लिए पश्चताप करने और नए सिरे से शुरुआत करने का एक अवसर देगा। अधिक पढ़ें »