परमेश्वर के दैनिक वचन | “मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है” | अंश 79

 

परमेश्वर के दैनिक वचन | “मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है” | अंश 79

न्याय का कार्य परमेश्वर का स्वयं का कार्य है, इसलिए प्राकृतिक रूप से इसे परमेश्वर के द्वारा किया जाना चाहिए; उसकी जगह इसे मनुष्य द्वारा नहीं किया जा सकता है। क्योंकि सत्य के माध्यम से मानवजाति को जीतना न्याय है, इसलिए यह निर्विवाद है कि तब भी परमेश्वर मनुष्यों के बीच इस कार्य को करने के लिए देहधारी छवि के रूप में प्रकट होता है।अर्थात्, अंत के दिनों में, मसीह पृथ्वी के चारों ओर मनुष्यों को सिखाने के लिए और सभी सत्यों को उन्हें ज्ञात करवाने के लिए सत्य का उपयोग करेगा। यह परमेश्वर के न्याय का कार्य है। कई लोगों को परमेश्वर के दूसरे देह धारण के बारे में बुरी अनुभूति है, क्योंकि मनुष्य को यह बात स्वीकार करने में कठिनाई होती है कि न्याय का कार्य करने के लिए परमेश्वर देह बन जाएगा। तथापि, मैं तुम्हें अवश्य बता दूँ कि प्रायः परमेश्वर का कार्य मनुष्य की अपेक्षाओं से बहुत अधिक होता है और मनुष्य के मन इसे स्वीकार करने में कठिनाई महसूस करते हैं।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 267

परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 267

बाइबल किस प्रकार की पुस्तक है? पुराना विधान व्यवस्था के युग के दौरान किया गया परमेश्वर का कार्य है। बाइबल के पुराने विधान में व्यवस्था के युग के दौरान किया गया यहोवा का समस्त कार्य और उसका सृष्टि के निर्माण का कार्य दर्ज है। इसमें यहोवा द्वारा किया गया समस्त कार्य दर्ज है, और वह अंततः मलाकी की पुस्तक के साथ यहोवा के कार्य का वृत्तांत समाप्त करता है। पुराने विधान में परमेश्वर द्वारा किए गए दो तरह के कार्य दर्ज हैं : एक सृष्टि की रचना का कार्य, और दूसरा व्यवस्था की आज्ञा देना। दोनों ही यहोवा द्वारा किए गए कार्य थे। व्यवस्था का युग यहोवा परमेश्वर के नाम से किए गए कार्य का प्रतिनिधित्व करता है; यह मुख्यतः यहोवा के नाम से किए गए कार्य की समग्रता है। इस प्रकार, पुराने विधान में यहोवा का कार्य दर्ज है, और नए विधान में यीशु का कार्य, वह कार्य जिसे मुख्यतः यीशु के नाम से किया गया था। यीशु के नाम का महत्व और उसके द्वारा किया गया कार्य अधिकांशत: नए विधान में दर्ज हैं। पुराने विधान के व्यवस्था के युग के दौरान यहोवा ने इस्राएल में मंदिर और वेदी का निर्माण किया, उसने यह साबित करते हुए पृथ्वी पर इस्राएलियों के जीवन का मार्गदर्शन किया कि वे उसके चुने हुए लोग हैं, उसके द्वारा पृथ्वी पर चुने गए उसके मनोनुकूल लोगों का पहला समूह हैं, वह पहला समूह, जिसकी उसने व्यक्तिगत रूप से अगुआई की थी। इस्राएल के बारह कबीले यहोवा के चुने हुए पहले लोग थे, और इसलिए उसने, व्यवस्था के युग के यहोवा के कार्य का समापन हो जाने तक, हमेशा उनमें कार्य किया। कार्य का दूसरा चरण नए विधान के अनुग्रह के युग का कार्य था, और उसे यहूदी लोगों के बीच, इस्राएल के बारह कबीलों में से एक के बीच किया गया था। उस कार्य का दायरा छोटा था, क्योंकि यीशु देहधारी हुआ परमेश्वर था। यीशु ने केवल यहूदिया की पूरी धरती पर काम किया, और सिर्फ साढ़े तीन वर्षों का काम किया; इस प्रकार, जो कुछ नए विधान में दर्ज है, वह पुराने विधान में दर्ज कार्य की मात्रा से आगे निकलने में सक्षम नहीं है।

— ‘बाइबल के विषय में (1)’ से उद्धृत


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ग ह्वा नामक महिला दक्षिणी चीन की एक गृह कलीसिया की प्रचारिका हैं। प्रभु में विश्वास करना शुरू करने के बाद, उन्‍होंने बाइबल में पाया कि पुराने नियम में परमेश्वर को यहोवा कहा जाता था, और नये नियम में यीशु। परमेश्वर के अलग-अलग नाम क्यों हैं?इस सवाल ने वांग ह्वा को बड़े असमंजस में डाल दिया। उन्होंने बाइबल में इसका जवाब ढूँढ़ने की कोशिश की, लेकिन इसका रहस्य उन्हें समझ नहीं आया …. अधिक पढ़ें »

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हर साल, जैसे जैसे क्रिसमस करीब आता है, सड़क पर दुकानें सांता क्लॉस और क्रिसमस ट्री के साथ क्रिसमस उपहारों के चमकदार प्रदर्शनी की व्यवस्था करती हैं। पेड़ों और इमारतों पर कई रंगीन रोशनियाँ लगी होती हैं, और पूरे शहर लालटेन और रंगीन झालरों से सजे होते हैं, और हर जगह आनंद और जोश होता है। ईसाई धर्म के लिए, क्रिसमस एक बहुत ही खास समय है, और क्रिसमस से कई महीने पहले से, कई कलिसियायें क्रिसमस के अवकाश के लिए आवश्यक सभी चीज़ें तैयार करने में व्यस्त होने लगती हैं। क्रिसमस के दिन, कलिसियायें भर जाती हैं, और भाई-बहन उत्सव में शामिल होते हैं, क्रिसमस की दावत खाते हैं, नाटकों का मंचन करते हैं और प्रभु यीशु की आराधना करते हैं, आदि। हर किसी का चेहरा खुशियों से चमकता है। अधिक पढ़ें »

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परमेश्वर पर विश्वास करने वाले व्यक्ति के रूप में, तुम को यह समझना चाहिए कि, आज, इन अंतिम दिनों में परमेश्वर का कार्य और तुम में परमेश्वर की योजना के सारे कार्य को पाने में, तुमने परमेश्वर की ओर से उत्कर्ष और को वास्तव में पा लिया है।समस्त ब्रम्हांड में परमेश्वर के सारे कार्य ने इसी एक जनसमूह पर ध्यान केंद्रित किया है। उसने अपने सभी प्रयास तुम लोगों के लिये समर्पित किये और तुम्हारे लिये सब कुछ बलिदान किया है, उसने फिर से दावा किया है और समस्त ब्रम्हांड में तुम लोगों के लिये पवित्रा आत्मा के सभी काम दिये हैं। यही कारण है कि मैं कहता हूं, तुम सभी सौभाग्यशाली हो। और यही नहीं, अपनी महिमा को इस्राएल से, अर्थात उसके चुने हुए लोगों से हटाया है, और तुम लोगों को दिया है, ताकि उसकी योजना के उद्देश्यों को तुम्‍हारे जनसमूह के द्वारा पूर्ण रूप से प्रकट करे। इस कारण तुम सभी वे लोग हो जो परमेश्वर की विरासत को पाएंगे, और इससे भी अधिक परमेश्वर की महिमा के वारिस ठहरेंगे। संभवतः तुम सबको ये वचन स्मरण होंगे: “क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।” अतीत में तुम सबने यह बात सुनी है तो भी किसी ने इन वचनों का सही अर्थ नहीं समझा। आज, तुम सभी अच्छे से जानते हो कि उनका वास्तविक महत्व क्या है। ये वह वचन है जिन्हें परमेश्वर अंतिम दिनों में पूरा करेगा। अधिक पढ़ें »

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परमेश्वर के दैनिक वचन | “जब तक तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देखोगे, तब तक परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नया बना चुका होगा” | अंश 76

तुम लोगों की सत्यनिष्ठा सिर्फ़ वचनों में है, तुम लोगों का ज्ञान सिर्फ़ बौद्धिक और वैचारिक है, तुम लोगों की मेहनत सिर्फ स्वर्ग की आशीषें पाने के लिए है, और इसलिए तुम लोगों का विश्वास अवश्य ही किस प्रकार का हो सकता है? आज भी, तुम लोग सत्य के प्रत्येक वचन को एक बहरे कान से ही सुनते हो। तुम लोग नहीं जानते हो कि परमेश्वर क्या है, तुम लोग नहीं जानते हो कि ईसा क्या है, तुम लोग नहीं जानते हो कि यहोवा का आदर कैसे करें, तुम लोग नहीं जानते हो कि कैसे पवित्र आत्मा के कार्य में प्रवेश किया जाए, और तुम लोग नहीं जानते हो कि परमेश्वर के स्वंय के कार्य और मनुष्य के धोखे के बीच कैसे भेद करें। तुम परमेश्वर के द्वारा व्यक्त किये गए किसी सत्य के वचन की केवल निंदा करना ही जानते हो जो तुम्हारे विचार के अनुरूप नहीं होता है। तुम्हारी विनम्रता कहाँ है? तुम्हारी आज्ञाकारिता कहाँ है? तुम्हारी सत्यनिष्ठा कहाँ है? सत्य को खोजने की तुम्हारी इच्छा कहाँ है? परमेश्वर के बारे में तुम्हारा आदर कहाँ है? मैं तुम लोगों बता दूँ, कि जो परमेश्वर में संकेतों की वजह से विश्वास करते हैं वे निश्चित रूप से उस श्रेणी के होंगे जो विनाश को झेलेगी। वे जो देह में लौटे यीशु के वचनों को स्वीकार करने में अक्षम हैं वे निश्चित रूप से नरक के वंशज, महान फ़रिश्ते के वंशज हैं, उस श्रेणी के हैं जो अनंत विनाश के अधीन की जाएगी।अधिक पढ़ें »

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बाइबल में, पौलुस ने कहा था, “मुझे आश्‍चर्य होता है कि जिसने तुम्हें मसीह के अनुग्रह में बुलाया उससे तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे।” (ग़लातियों 1:6) (© BSI)। पादरी और एल्‍डर्स पौलुस के इन वचनों की ग़लत व्‍याख्‍या करते हैं, और उन सभी की, जो प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के सुसमाचार को स्‍वीकार करते हैं, यह कहते हुए निंदा करते हैं कि यह स्‍वधर्म त्‍याग होगा और कि यह प्रभु के साथ विश्‍वासघात करना होगा। अधिक पढ़ें »

चीजें नहीं जोड़ने के बारे में बाइबल में प्रकाशितवाक्य 22:18 में गद्यांश का मतलब

आजकल,बड़ी-बड़ी आपदाएं आ रही हैं। प्रभु के आगमन की आगवानी करने के इस सर्वाधिक महत्वपूर्ण समय में,केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ही सार्वजनिक रूप से प्रमाणित करती है कि प्रभु यीशु पहले ही वापस आ चुका है और परमेश्वर के घर से न्याय की बात और कार्य कर रहा है। बहुत से लोग जो सचमुच प्रभु में विश्वास करते हैं,वे खोजने और जाँच करने के लिए आ रहे हैं।सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ने के बाद,उन्हें लगता है कि इन शब्दों में प्रभु यीशु के वचनों के समान ही अधिकार और सामर्थ्य है। वे सभी सत्य हैं और परमेश्वर के वचनों की तरह लगते हैं। प्रकाशित-वाक्‍य 22:18-19 में कहा गया है, “मैं हर एक को, जो इस पुस्तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूँ: यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए तो परमेश्‍वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्तक में लिखी हैं, उस पर बढ़ाएगा। और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्‍वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से, जिसका वर्णन इस पुस्तक में है, उसका भाग निकाल देगा” (प्रकाशितवाक्य 22:18-19)। इसके अनुसार,पादरी और एल्डर कहते हैं, “प्रकाशित-वाक्‍य की पुस्तक में कहा गया है कि धर्म-पुस्‍तक में न तो कुछ जोड़ा सकता है, न ही हटाया जा सकता है। अगर अब कुछ लोग ऐसी गवाही दे रहे हैं कि प्रभु लौट आया है और उसने नए वचन कहे हैं,तो यह बाइबल में कुछ जोड़ना होगा। इस प्रकार,इनमें से किसी भी दावे की पूरी तरह से जाँच नहीं की जा सकती है—यह प्रभु के साथ विश्वासघात होगा। यह बिल्‍कुल वही बात है कि कैसे वे अंत के दिनों में दूसरों को सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य का अनुसरण करने और उसकी जाँच करने से रोकने का प्रयास करते हैं,और उसके वचनों को सुनने के बाद कुछ लोगों को नहीं पता होता है कि क्या करना है। इसके बाद,हम संगति करेंगे कि कैसे परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप रहने के लिए चीजों को नहीं जोड़ने की भविष्यवाणी को पूरी तरह से समझें जिसे यूहन्ना ने प्रकाशित-वाक्‍य 22:18 में कहा था।अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Movie “मायाजाल को तोड़ दो” अंश 3 : क्या बाइबल के अतिरिक्त परमेश्वर के शब्दों का कोई अस्तित्व है?

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कुछ धार्मिक लोग मानते हैं कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में हैं, और बाइबल के अलावा परमेश्वर का कोई भी वचन और कार्य नहीं है। क्या इस तरह का विचार सत्य के अनुसार है? बाइबल कहती है, “और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक करके लिखे जाते, तो मैं समझता हूँ कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे संसार में भी न समातीं।” (यूहन्ना 21: 25) (© BSI) सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: “परमेश्वर जो है और उसके पास जो है, वह सदैव अक्षय और असीम है।…… पुस्तकों, वचनों या उनकी अतीत की उक्तियों में परमेश्वर को सीमांकित न करो। परमेश्वर के कार्य की विशेषता के लिए केवल एक ही शब्द है—नवीन। वह पुराने रास्ते लेना या अपने कार्य को दोहराना पसंद नहीं करता, और इसके अलावा, वह नहीं चाहता कि लोग उसे एक निश्चित दायरे के भीतर सीमांकित करके उसकी आराधना करें। यह परमेश्वर का स्वभाव है।”अधिक पढ़ें »

2020 Hindi Christian Song | परमेश्वर को जानने वाले ही परमेश्वर को पा सकते हैं (Lyrics)

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अगर तुम अपने ज्ञान से ईश्वर का अध्ययन करना चाहो,
तो उसे कभी न जान पाओगे,
न जान पाओगे ईश्वर को।
लेकिन तुम अगर मार्ग अपनाओ सत्य और ईश्वर की खोज का,
ईश्वर को जानने की दृष्टि से उसे देखो,
तो एक दिन तुम जान लोगे :अधिक पढ़ें »

2020 Hindi Christian Testimony Video | दिखावा, अब और नहीं | मसीही जीवन

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मोवेन कलीसिया में एक सुसमाचार उपयाजक है। अपने भाई-बहनों के काम में कुछ समस्याएँ सुलझा देने और अपने काम में कुछ हासिल कर लेने के कारण वह खुद को बाकी सभी लोगों से बेहतर समझने लगता है। वह अपनी हर बात और हर काम में, अपने गुणों और काबिलियत की शेखी बघारता है, और दिखावा करता है कि अपने कर्तव्य के लिए वह किस तरह कष्ट झेलता है।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का ज़रूरी रास्ता | Hindi Christian Song With Lyrics

परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का ज़रूरी रास्ता | Hindi Christian Song With Lyrics

ईश्वर का भय मानने का अर्थ नहीं
अनजान डर, बच निकलना, मूर्ति पूजन या अंधविश्वास।
बल्कि, ईश्वर का भय मानने का अर्थ है
प्रशंसा, विश्वास, सम्मान, समझ, देखभाल, आज्ञापालन करना।
ये है पवित्रीकरण, प्रेम, पूर्ण आराधना,
प्रतिदान, समर्पण बिन शिकायत के।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर का वचन इन हिंदी | “आरंभ में मसीह के कथन : अध्याय 15 | अंश 51

परमेश्वर का वचन इन हिंदी| “आरंभ में मसीह के कथन : अध्याय 15 | अंश 51

सभी कलीसियाओं में परमेश्वर पहले से ही प्रकट हो चुका है। आत्मा बोल रहा है, वह एक प्रबल अग्नि है, उसमें महिमा है और वह न्याय कर रहा है; वह मनुष्य का पुत्र है, जो पाँवों तक का वस्त्र पहने हुए है और छाती पर सोने की पटुका बाँधे हुए है। उसके सिर और बाल श्‍वेत ऊन के समान उज्ज्वल हैं, और उसकी आँखें आग की ज्वाला के समान हैं; उसके पाँव उत्तम पीतल के समान हैं, मानो भट्ठी में तपे हुए हों; और उसके वचन अनेक जलों के समान हैं। वह अपने दाहिने हाथ में सात तारे लिए हुए है, और उसके मुख में तेज़ दोधारी तलवार है और उसका मुँह ऐसा प्रज्‍वलित है, जैसे सूर्य कड़ी धूप के समय चमकता हो!अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है” | अंश 71

परमेश्वर की छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना समाप्त हो रही है, और राज्य का द्वार उन सभी लोगों के लिए पहले से ही खोल दिया गया है, जो उसका प्रकटन चाहते हैं। प्रिय भाइयो और बहनो, तुम लोग किस चीज़ की प्रतीक्षा कर रहे हो? वह क्या है, जो तुम खोजते हो? क्या तुम परमेश्वर के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हो? क्या तुम उसके पदचिह्न खोज रहे हो? परमात्मा के दर्शन के लिए व्यक्ति कैसे लालायित होता है! और परमेश्वर के पदचिह्नों को पाना कितना कठिन है! इस तरह के युग में, इस तरह की दुनिया में, हमें उस दिन को देखने के लिए क्या करना चाहिए, जिस दिन परमेश्वर प्रकट होता है? हमें परमेश्वर के पदचिह्नों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए? इस तरह के प्रश्नों से उन सभी का सामना होता है, जो परमेश्वर के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। तुम लोगों ने उन सभी पर एक से अधिक अवसरों पर विचार किया है—लेकिन परिणाम क्या रहा? परमेश्वर कहाँ प्रकट होता है? परमेश्वर के पदचिह्न कहाँ हैं? क्या तुम लोगों को उत्तर मिल गया है? बहुत-से लोग इस तरह उत्तर देंगे : “परमेश्वर उन सभी के बीच प्रकट होता है, जो उसका अनुसरण करते हैं और उसके पदचिह्न हमारे बीच में हैं; यह इतना आसान है!” कोई भी फार्मूलाबद्ध उत्तर दे सकता है, किंतु क्या तुम लोग समझते हो कि परमेश्वर के प्रकटन या उसके पदचिह्नों का क्या अर्थ है? परमेश्वर का प्रकटन व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करने के लिए उसके पृथ्वी पर आगमन को संदर्भित करता है। अपनी स्वयं की पहचान और स्वभाव के साथ, और अपने जन्मजात तरीके से वह एक युग का आरंभ करने और एक युग का अंत करने के कार्य का संचालन करने के लिए मनुष्यजाति के बीच उतरता है।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 266

परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 266

परमेश्वर द्वारा व्यवस्था के युग का कार्य कर लेने के बाद पुराना विधान बनाया गया और तब से लोगों ने बाइबल पढ़ना शुरू कियायीशु ने आने के बाद अनुग्रह के युग का कार्य किया, और उसके प्रेरितों ने नया विधान लिखा। इस प्रकार बाइबल के पुराने और नए विधान की रचना हुई, और आज तक वे सभी लोग, जो परमेश्वर में विश्वास करते हैं, बाइबल पढ़ते रहे हैं। बाइबल इतिहास की पुस्तक है। निस्संदेह, उसमें नबियों की कुछ भविष्यवाणियाँ भी शामिल हैं, और वे भविष्यवाणियाँ किसी भी मायने में इतिहास नहीं हैं। बाइबल में अनेक भाग शामिल हैं—उसमें केवल भविष्यवाणियाँ ही नहीं हैं, या केवल यहोवा का कार्य ही नहीं है, और न ही उसमें मात्र पौलुस के धर्मपत्र हैं। तुम्हें ज्ञात होना चाहिए कि बाइबल में कितने भाग शामिल हैं; पुराने विधान में उत्पत्ति, निर्गमन…शामिल हैं, और उसमें नबियों द्वारा लिखी गई भविष्यवाणियों की पुस्तकें भी हैं। अंत में, पुराना विधान मलाकी की पुस्तक के साथ समाप्त होता है। इसमें व्यवस्था के युग के कार्य को दर्ज किया गया है, जिसकी अगुआई यहोवा द्वारा की गई थी; उत्पत्ति से लेकर मलाकी की पुस्तक तक, यह व्यवस्था के युग के समस्त कार्य का विस्तृत अभिलेख है। अधिक पढ़ें »

क्या ऐसा हो सकता है कि परमेश्वर केवल पुरुष के रूप में देहधारण ले सकता है?

प्रश्न: हम सालों से प्रभु के वापस लौटने की बाट जोह रहें हैं। जब हमने सुना कि आप गवाही दे रहे हैं कि प्रभु यीशु देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस लौट आए हैं, और वह सत्य व्यक्त कर रहे हैं और न्याय और ताड़ना का कार्य कर रहे हैं, तो हमने फैसला किया कि हम प्रभु के वचनों के अनुसार पहलकदमी और सत्य मार्ग का अन्वेषण करेंगे, लेकिन जब हमें पता चला कि प्रभु ने इस बार एक स्त्री के रूप में देहधारण किया है, तो हमारे अंदर संदेह पैदा हो गया। सालों पहले प्रभु यीशु का देहधारण पुरुष का था, और परमेश्वधर का लिंग पुरुष का है, इसलिए वापस लौटने वाले प्रभु को भी पुरुष ही होना चाहिए। वह संभवतः स्त्री कैसे हो सकते हैं? यह चीज हमारी समझ से बाहर है, तो क्या आप हमें यह चीज समझा सकते हैं?

हिंदी बाइबल स्टडी|बाइबल के प्रश्नों के उत्तरअधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए” | अंश 392

परमेश्वर के दैनिक वचन | “विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए” | अंश 392

बीते समयों में, अनेक लोग मनुष्य की महत्वाकांक्षा और धारणाओं के साथ मनुष्य की आशाओं के लिए आगे बढ़े। अब इन मामलों पर चर्चा नहीं की जाएगी। कुंजी है अभ्यास का ऐसा ढंग खोजना जो तुम में से हर एक को परमेश्वर के सम्मुख एक सामान्य स्थिति बनाये रखने और धीरे-धीरे शैतान के प्रभाव की बेड़ियों को तोड़ डालने में सक्षम करे, ताकि तुम परमेश्वर को प्राप्त हो सको और पृथ्वी पर वैसे जियो जैसे परमेश्वर तुमसे चाहता है। केवल इसी से परमेश्वर की इच्छा पूरी हो सकती है। परमेश्वर में विश्वास तो बहुत से लोग करते हैं, फिर भी न तो यह जानते हैं कि परमेश्वर क्या चाहता है और न ही यह कि शैतान क्या चाहता है। वे मूर्खता से विश्वास करते हैं और दूसरों का अंधानुकरण करते हैं, और इसलिए उनके पास कभी भी एक सामान्य ईसाई जीवन नहीं होता; मनुष्य का परमेश्वर के साथ जो सामान्य संबंध है वो होना तो दूर, उनके पास सामान्य व्यक्तिगत संबंध तक नहीं होते। इससे यह देखा जा सकता है कि मनुष्य की समस्याएं और गलतियां, और दूसरे कारण जो परमेश्वर की इच्छा के आड़े आते हैं बहुत हैं।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के वचनों से दूर नहीं जा सकता कोई | Christian devotional song in hindi

परमेश्वर के वचनों से दूर नहीं जा सकता कोई | Christian devotional song in hindi

ये तथ्य है कि परमेश्वर अपने वचनों को,
पूरी कायनात पर राज करने,
इन्सान को जीतने के लिए, काम में लायेगा।


पवित्रात्मा लोगों को एक एहसास देता है।
जो पढ़ते हैं परमेश्वर के दिए गये वचनों को,
उनके दिल शांत, सहज होते हैं,
जिन्हें वचन नहीं मिलते,
वे खालीपन महसूस करते हैं।
परमेश्वर के वचनों का सामर्थ्य कुछ ऐसा है
और सभी को इन वचनों को पढ़ना ही चाहिए।
इन्हें पढ़कर लोग पोषित और मजबूत होते हैं।
पढ़ें तो निरोग, न पढ़ें तो निस्तेज होते हैं।
यही मायने हैं परमेश्वर और उसके वचनों के धरती पर राज के।

भविष्य का पथ है ऐसा:
जिन्होंने पाया वचन, मिलेगी राह उन्हें,
राह इस संसार में।
चाहे वो करता हो कोई भी कारोबार,
गर उसके पास नहीं है वचन तो,
उसके लिए एक कदम भी चलना मुश्किल होगा,
उसे होना पड़ेगा मजबूर सच्चे मार्ग को ढूंढने के लिए।
इस बात का मतलब है ये सत्य संग पूरे संसार में चलोगे तुम,
सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम;
हाँ सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम।

कुछ लोग परमेश्वर के कार्य से थक जाते हैं या छोड़ जाना चाहते हैं।
लेकिन फिर भी वे परमेश्वर के वचनों से दूर नहीं जा सकते हैं।
भले ही कमज़ोर हैं वे,
पर जीने के लिए वचनों पर उन्हें निर्भर होना होगा।
भले ही हैं विद्रोही वो,
वचनों से दूर जाने का साहस नहीं करते।
परमेश्वर के वचन जब अपना सामर्थ्य दिखाते हैं,
तब उसके शासन और शक्ति का उपयोग होता है,
कोई भी उसके वचनों को छोड़ कर नहीं जा सकता है,
परमेश्वर इस तरह काम करता है।
ईश्वर के वचन फैलेंगे असंख्य घरों में,
सभी द्वारा जाने जायेंगे।
केवल तभी फैलेगा उसका काम पूरी दुनिया में।

भविष्य का पथ है ऐसा:
जिन्होंने पाया वचन, मिलेगी राह उन्हें,
राह इस संसार में।
चाहे वो करता हो कोई भी कारोबार,
गर उसके पास नहीं है वचन तो,
उसके लिए एक कदम भी चलना मुश्किल होगा,
उसे होना पड़ेगा मजबूर सच्चे मार्ग को ढूंढने के लिए।
इस बात का मतलब है ये सत्य संग पूरे संसार में चलोगे तुम,
सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम;
हाँ सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम।

परमेश्वर की महिमा के दिन,
उसके वचन सामर्थ्य, अधिकार दिखाते हैं।
उसके वचन आरम्भ से अंत तक सच होंगे, पूरे होंगे।
इस तरह, परमेश्वर की धरती पर महिमा होगी,
और इसका मतलब है ये कि उसके वचन धरा पर शासन करेंगे।

भविष्य का पथ है ऐसा:
जिन्होंने पाया वचन, मिलेगी राह उन्हें,
राह इस संसार में।
चाहे वो करता हो कोई भी कारोबार,
गर उसके पास नहीं है वचन तो,
उसके लिए एक कदम भी चलना मुश्किल होगा,
उसे होना पड़ेगा मजबूर सच्चे मार्ग को ढूंढने के लिए।
इस बात का मतलब है ये सत्य संग पूरे संसार में चलोगे तुम,
सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम;
हाँ सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम।

“मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से


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जब परमेश्वर आपके सच्चे दिल को देखता है, तो वह आपको प्रकाशन और मार्गदर्शन देगा आप उससे जो पूछते हैं।

क्या आप सच्चे मार्ग की जाँच के सबसे बड़े विचलन के बारे में जानते हैं?

एक अवसर पर मैंने एक बातचीत सुनी जो कुछ इस तरह चल रही थी:

अ: “सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया गवाही देती है कि प्रभु यीशु लौट आया है, कि वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर है, और यह कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर सत्यों को व्यक्त करता है और न्याय का कार्य करता है। हमें यह देखने के लिए कि क्या यह वास्तव में प्रभु की वापसी है, सच्चे मार्ग की जाँच-पड़ताल करनी चाहिए?”अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Movie | परमेश्‍वर का नाम बदल गया है?! | Revealing the Mystery of God’s Name

Hindi Christian Movie | परमेश्‍वर का नाम बदल गया है?! | Revealing the Mystery of God’s Name

ग ह्वा नामक महिला दक्षिणी चीन की एक गृह कलीसिया की प्रचारिका हैं। प्रभु में विश्वास करना शुरू करने के बाद, उन्‍होंने बाइबल में पाया कि पुराने नियम में परमेश्वर को यहोवा कहा जाता था, और नये नियम में यीशु। परमेश्वर के अलग-अलग नाम क्यों हैं? इस सवाल ने वांग ह्वा को बड़े असमंजस में डाल दिया। उन्होंने बाइबल में इसका जवाब ढूँढ़ने की कोशिश की, लेकिन इसका रहस्य उन्हें समझ नहीं आया …. लेकिन वे दृढ़ता से विश्वास करती थीं कि स्वर्ग के अंतर्गत मनुष्यों के लिए दूसरा कोई नाम नहीं दिया गया है, इसलिए अकेले यीशु ही उद्धारक हैं, और जब तक हम यीशु के नाम पर कायम रहेंगे, हमें स्वर्ग के राज्य में अवश्य आरोहित कर दिया जाएगा। फिर भी एक दिन, वांग ह्वा ने एक चौंका देनेवाली खबर सुनी: परमेश्वर का नाम बदल गया है! उसके बाद उनके दिल में जिज्ञासा जाग गई और वे शांत नहीं रह पायीं…
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यीशु मसीह के आगमन का तरीका क्या है? जब लोग प्रभु को बादल में आते हुए देखेंगे तो वे क्यों रोयेंगे? इस पृष्ठ पर उत्तर प्राप्त करें।

बाइबल में क्लेश हुआ है। हमें परमेश्वर की इच्छा को कैसे ढूंढना चाहिए?

बाइबल में क्लेश हुआ है। हमें परमेश्वर की इच्छा को कैसे ढूंढना चाहिए?

हाल के समय में भूकंप, बाढ़, टिड्डियों के झुंड, आग, महामारी और अकाल जैसी आपदाएँ फैलती रही हैं और इस फैलने का दायरा व्यापक और व्यापक होता गया है। विशेष रूप से कोरोनवायरस एक ऐसी महामारी है जिसने अब पृथ्वी पर हर देश में अपना रास्ता बना लिया है जिसके परिणामस्वरूप कई लोग मर रहे हैं। जब हम इस तरह की आपदाओं को इतनी बार देखते हैं, तो हम भय से भस्म हो जाते हैं और नुकसान महसूस करते हैं, और हम जो कुछ भी कर रहे हैं उसके लगातार संरक्षण के लिए प्रभु से कहते हैं। परमेश्वर आपदाओं को बस इसलिए आने की अनुमति देते है क्योंकि वह हमारे लिए चाहते है कि हम उसे बुलाएं और उसकी सुरक्षा के लिए पूछें? बस परमेश्वर का इरादा क्या है? आपदाएँ आने पर हम परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त कर सकते हैं? आज, हम इस मुद्दे पर एक साथ चर्चा और अन्वेषण करें ताकि हम परमेश्वर के इरादे को समझ सकें और उनकी सुरक्षा प्राप्त करने का मार्ग खोज सकें।

आपदाएँ हमारे ऊपर हैं—परमेश्वर का इरादा क्या है?

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Daily Bread in Hindi | “परमेश्वर द्वारा धारण किये गए देह का सार” | अंश 100

Daily Bread in Hindi | “परमेश्वर द्वारा धारण किये गए देह का सार” | अंश 100

पृथ्वी पर यीशु ने जो जीवन जीया वह देह में एक सामान्य जीवन था। उसने अपनी देह का सामान्य जीवन जीया। उसके अधिकार—परमेश्वर का कार्य करना और उसके वचन बोलना, या बीमार को चंगा करना और दुष्टात्माओं को निकालना, ऐसे असाधारण कार्य करना—ने ज़्यादातर स्वयं को तब तक प्रकट नहीं किया जब तक उसने अपनी सेवकाई आरम्भ नहीं की। उसका जीवन उनतीस वर्ष की उम्र से पहले, उसके अपनी सेवकाई आरम्भ करने से पहले, इस बात का पर्याप्त प्रमाण था कि वह एक सामान्य देह वाला था। इस कारण से और क्योंकि उसने अभी तक अपनी सेवकाई को करना आरम्भ नहीं किया था, लोगों को उसमें कुछ भी दिव्य नहीं दिखाई दिया, एक सामान्य मानव, एक सामान्य मनुष्य से अधिक कुछ नहीं दिखाई दिया—जैसे कि शुरू में कुछ लोग उसे यूसुफ के पुत्र के रूप में मानते थे। लोगों ने सोचा कि वह एक सामान्य मनुष्य का पुत्र है, उसके पास यह बताने का कोई तरीका नहीं था कि वह देहधारी परमेश्वर की देह है; यहाँ तक कि जब, अपनी सेवकाई को करने के दौरान, उसने कई अचम्भे किए, तब भी अधिकांश लोगों ने कहा कि वह यूसुफ का पुत्र है, क्योंकि सामान्य मानवता के बाह्य आवरण वाला वह मसीह था। अधिक पढ़ें »

प्रभु यीशु जब भी प्रार्थना करते थे तो वह परमेश्वर को स्वर्गीय पिता कहकर क्यों बुलाते थे?

प्रश्न 7: अगर प्रभु यीशु स्वयं परमेश्वर हैं, तो ऐसा क्यों है कि जब प्रभु यीशु प्रार्थना करते हैं, तो वे परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं। यहाँ निश्चित रूप से एक रहस्य है जिसे उजागर करना जरूरी है। हमारे लिए चर्चा करें।

उत्तर: प्रभु यीशु द्वारा अपनी प्रार्थनाओं में स्वर्ग के परमेश्वर को पिता कहे जाने में सचमुच रहस्य छिपा है। जब परमेश्वर देहधारण करते हैं, परमेश्वर की आत्मा शरीर में छुपी रहती है, शरीर स्वयं भी आत्मा की मौजूदगी से अनजान रहता है। बिलकुल उसी तरह, जैसे हम स्वयं अपनी आत्मा को अपने अंदर महसूस नहीं कर पाते। इतना ही नहीं, परमेश्वर की आत्मा अपने शरीर में रहकर कोई भी अलौकिक कार्य नहीं करती है। इसलिए, भले ही प्रभु यीशु देहधारी परमेश्वर थे, अगर परमेश्वर की आत्मा ने स्वयं वचन नहीं बोले होते और परमेश्वर की गवाही नहीं दी होती, तो प्रभु यीशु को यह पता नहीं होता कि वे देहधारी परमेश्वर हैं। इसलिए, बाइबल में यह कहा गया है, “न पुत्र; परन्तु केवल पिता” (मरकुस 13:32)। प्रभु यीशु अपनी सेवा का प्रदर्शन करने से पहले, सामान्य मानवता में रहते थे। वे असल में नहीं जानते थे कि वे परमेश्वर का अवतार हैं क्योंकि शरीर के भीतर मौजूद परमेश्वर की आत्मा ने अलौकिक तरीके से कार्य नहीं किया था, उन्होंने सामान्य सीमाओं में कार्य किया, बिल्कुल किसी अन्य मनुष्य की तरह। इसलिए, स्वाभाविक रूप से, प्रभु यीशु स्‍वर्ग के पिता से प्रार्थना करते थे, जिसका मतलब यह है कि अपनी सामान्य मानवता के भीतर, प्रभु यीशु परमेश्‍वर की आत्मा से प्रार्थना करते थे। यह बात पूरी तरह से समझ में आती है। जब प्रभु यीशु ने औपचारिक रूप से अपनी सेवा का प्रदर्शन किया, तब पवित्र आत्मा ने बोलना और प्रचार करना शुरू किया, यह गवाही देते हुए कि वह देहधारी परमेश्वर हैं। सिर्फ़ तभी जाकर प्रभु यीशु ने अपने सही अस्तित्व को पहचाना, कि वे छुटकारे का कार्य करने के लिए आये थे। लेकिन जब वह क्रूस पर लटकाए जाने वाले थे, तब भी उन्होंने परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की। इससे पता चलता है कि मसीह का सार पूरी तरह से परमेश्वर के लिए आज्ञाकारी है।

प्रभु यीशु का प्रार्थना

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सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन “परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है”

परमेश्वर की छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना समाप्त हो रही है, और राज्य का द्वार उन सभी लोगों के लिए पहले से ही खोल दिया गया है जो उसके प्रकटन को चाहते हैं। प्रिय भाइयो और बहनो, तुम लोग किसकी प्रतीक्षा कर रहे हो? वह क्या है जो तुम खोजते हो? क्या तुम परमेश्वर के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हो? क्या तुम उसके पदचिह्नों को खोज रहे हो? परमात्मा के दर्शन के लिए कोई कैसे लालायित होता है! और परमेश्वर के पदचिह्नों को पाना कितना कठिन है! इस तरह के युग में, इस तरह की दुनिया में, हमें उस दिन को देखने के लिए क्या करना चाहिए जिस दिन परमेश्वर प्रकट होता है? हमें परमेश्वर के पदचिह्नों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए? इस तरह के प्रश्नों से उन सभी का सामना होता है जो परमेश्वर के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। तुम लोगों ने उन सभी पर एक से अधिक अवसरों पर विचार किया है—लेकिन परिणाम क्या हुआ? परमेश्वर कहाँ दिखाई देता है? परमेश्वर के पदचिह्न कहाँ हैं? क्या तुम लोगों को उत्तर मिल गया है?अधिक पढ़ें »

बुद्धिमान कुंवारियाँ कौन हैं? मूर्ख कुंवारियाँ कौन हैं?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:

अतीत में, कुछ लोगों ने “पाँच समझदार कुँवारियों, पाँच मूर्ख कुँवारियों” की भविष्यवाणियाँ की हैं; यद्यपि भविष्यवाणी परिशुद्ध नहीं है, फिर भी यह पूरी तरह से ग़लत भी नहीं है, इसलिए मैं तुम लोगों को कुछ स्पष्टीकरण दे सकता हूँ। पाँच समझदार कुँवारियाँ और पाँच मूर्ख कुँवारियाँ दोनों निश्चित रूप से लोगों की संख्या को नहीं दर्शाती हैं, न ही वे क्रमशः एक प्रकार के लोगों को दर्शाती हैं। पाँच समझदार कुँवारियों का अर्थ लोगों की संख्या है, पाँच मूर्ख कुँवारियाँ एक प्रकार के लोगों को दर्शाती हैं, किन्तु इन दोनों में से कोई भी ज्येष्ठ पुत्रों को संदर्भित नहीं करती हैं, और इसके बजाय वे सृजन को दर्शाती हैं। यही कारण है कि उन्हें अंत के दिनों में तेल तैयार करने के लिए कहा गया है। अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Song 2020 | परीक्षण माँग करते हैं आस्था की (Lyrics)

Hindi Christian Song 2020 | परीक्षण माँग करते हैं आस्था की (Lyrics)


इम्तहानों के वक्त कमज़ोर हो सकता है इन्सान,
आ सकते हैं मन में उसके गलत ख़्याल।
परमेश्वर की इच्छा को लेकर हो सकता है स्पष्टता का अभाव उसमें,
या कौन-सा मार्ग बेहतरीन है अमल वो जिस पर करे।
मगर अय्यूब की तरह होनी चाहिये परमेश्वर के कार्य में आस्था तुम्हारी,
कमज़ोर था वो, कोसा अपने जन्म के दिन को उसने,
मगर नकारा नहीं उसने कि देता है सबकुछ परमेश्वर,
कि ले भी लेता है सबकुछ परमेश्वर।अधिक पढ़ें »

2020 Hindi Christian Testimony Video | शोहरत और दौलत की चाह ने मुझे सिर्फ़ दुख-दर्द दिए

2020 Hindi Christian Video | शोहरत और दौलत की चाह ने मुझे सिर्फ़ दुख-दर्द दिए

नायिका एक डॉक्टर है जो मानती है कि लोगों को उपयुक्त और सार्थक जीवन जीने के लिए सफलता और मान्यता हासिल करनी चाहिए। अपने साथियों से आगे निकलने के लिए, वह एक दशक से अधिक समय तक दिन-रात काम और पढ़ाई करती है, कभी-कभी चौबीसों घंटे बिना रुके। वह ऑपरेशन के दौरान गलती करके अपनी प्रतिष्ठा को बर्बाद करने से डरती है। बहुत ज्यादा काम और जबरदस्त तनाव के कारण उसे अनिद्रा, पेट दर्द, पित्ताशय की सूजन और अन्य बीमारियां होती हैं जो उसके लिए असहनीय पीड़ा का कारण बनती हैं। अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Movie | धन्‍य हैं वे, जो मन के दीन हैं | Have You Welcomed the Return of Lord Jesus?

हिंदी ईसाई फिल्म | धन्‍य हैं वे, जो मन के दीन हैं | Have You Welcomed the Return of Lord Jesus? (Hindi Dubbed)

शो योंघान दक्षिण कोरिया में एक कलीसिया के पादरी हैं। उन्होंने दशकों तक उत्साहपूर्वक परमेश्वर की सेवा की और अपने साथी विश्वासियों का गहरा सम्मान अर्जित किया। हाल के वर्षों से, उनकी कलीसिया दिन-प्रतिदिन ज्‍़यादा-से-ज्‍यादा उजाड़ होती जा रही है। बुरे कर्म अधिक-से-अधिक सामान्‍य हो रहे थे, और वे खुद भी अपने आप को इन पापों में फंसा पाते थे।अधिक पढ़ें »

2020 Praise Songs – New Hindi Christian Devotional Songs

2020 Praise Songs – New Hindi Christian Devotional Songs


00:00:00【परमेश्वर के हृदय को कौन समझ सकता है?】
00:04:45【घावों से मनुष्य को प्रेम करता है परमेश्वर】
00:10:01【हर युग में नया कार्य करता है परमेश्वर】
00:14:50【पवित्र आत्मा का कार्य पाने के लिए परमेश्वर के वचनों में जियो】
00:19:26【इंसान को परमेश्वर के वचनों के अनुसार चलना चाहिये】
00:23:33【परमेश्वर के वचनों से खुद को लैस करना तुम्हारी सर्वोच्च प्राथमिकता है】
00:27:34【परमेश्वर ने बहुत पहले तैयार कर दी हर चीज़ इंसान के लिये】अधिक पढ़ें »

परमेश्वर की संप्रभुता को जानो और फिर कभी दौलत के गुलाम न बनो

जब मैं छोटा था, तो मेरे पिता मुझसे अक्सर कहा करते थे, “मेरे बेटे, हमारा परिवार संपन्न नहीं है, इसलिए यदि तुम कुछ भी पाना चाहते हो, तो तुम्हें धन कमाना होगा। जब तुम्हारे पास धन होगा, तो तुम्हारे पास सब कुछ होगा!” तब से, मेरा सपना यह था कि मेरे पास बहुत दौलत कमाने वाला एक ऐसा पेशा हो जिससे मेरा परिवार एक अच्छा जीवन जी सके।
जब मैं बड़ा हुआ और मैं स्कूल से निकला, तो मैं एक रेस्तरां में एक प्रशिक्षु और एक रासायनिक कारखाने में एक मालगोदाम कर्मचारी के रूप में काम करने लगा। हालांकि काम से मैं थक जाता था, फिर भी जो धन मैं कमा रहा था उसे धीरे-धीरे बढ़ते देखकर, मुझे लगा कि काम भले कितना भी कठिन हो, यह सब ठीक था।अधिक पढ़ें »

क्या आप जानते हैं कि उद्धारकर्ता की वापसी का स्वागत कैसे करें?

आपदाएँ अक्सर आ रही हैं: हमें उद्धारकर्ता की वापसी का स्वागत कैसे करना चाहिए?

आखिरी दिनों में, हम प्रभु की वापसी का स्वागत कैसे कर सकते हैं और परमेश्वर के सामने उत्साहशील हो सकते हैं? दरअसल, परमेश्वर ने हमारे लिए एक स्पष्ट रास्ता बताया है। यह प्रकाशित वाक्य की पुस्तक में लिखा गया है, “देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा, और वह मेरे साथ” (प्रकाशितवाक्य 3:20)। और प्रकाशित वाक्य में भी कई बार उल्लेख किया गया है, “जिसके कान हों, वह सुन ले कि पवित्र आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है” (प्रकाशितवाक्य 2:7)। प्रभु यीशु ने कहा था, “मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे-पीछे चलती हैं” (यूहन्ना 10:27)। “आधी रात को धूम मची, कि देखो, दूल्हा आ रहा है, उससे भेंट करने के लिये चलो” (मत्ती 25:6)।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “प्रार्थना की क्रिया के विषय में” | अंश 416

अपने प्रतिदिन के जीवन में तुम प्रार्थना पर बिलकुल ध्यान नहीं देते। लोगों ने प्रार्थना को सदैव नजरअंदाज किया है। प्रार्थनाएँ लापरवाही से की जाती थीं, जिसमें इंसान परमेश्वर के सामने बस खानापूर्ति करता था। किसी ने भी कभी परमेश्वर के समक्ष पूरी रीति से अपने हृदय को समर्पित नहीं किया है और न ही परमेश्वर से सच्चाई से प्रार्थना की है। लोग परमेश्वर से तभी प्रार्थना करते हैं जब उनके साथ कुछ घटित हो जाता है। इन सारे समयों के दौरान, क्या तुमने कभी सच्चाई के साथ परमेश्वर से प्रार्थना की है? क्या तुमने कभी पीड़ा के आँसुओं को परमेश्वर के सामने बहाया है? क्या तुमने कभी परमेश्वर के सामने स्वयं को पहचाना है? क्या तुमने कभी परमेश्वर के साथ हृदय से हृदय मिलाते हुए प्रार्थना की है? प्रार्थना अभ्यास करने से आती है: यदि तुम सामान्य रीति से घर पर प्रार्थना नहीं करते हो, तब तुम्हारा कलीसिया में प्रार्थना करने का कोई अर्थ नहीं होगा, और यदि तुम छोटी-छोटी सभाओं में सामान्य रीति से प्रार्थना नहीं करते हो, तो बड़ी-बड़ी सभाओं में प्रार्थना करने में भी असमर्थ होगे। यदि तुम सामान्य रीति से परमेश्वर के निकट नहीं आते या परमेश्वर के वचनों पर मनन नहीं करते हो, तो तुम्हारे पास तब कहने के लिए कुछ भी नहीं होगा जब प्रार्थना का समय होगा—और यदि तुम प्रार्थना करते भी हो, तो बस तुम दिखावा करोगे, तुम सच्चाई से प्रार्थना नहीं कर रहे होगे।अधिक पढ़ें »

ईसाई भजन | सभी प्राणियों का जीवन आता है परमेश्वर से

ईसाई भजन | सभी प्राणियों का जीवन आता है परमेश्वर से

प्रभु से जो जीवन मिला है इंसान को,
अनंत है, देह के बंधन से, समय और स्थान से आज़ाद है।
ये ज़िंदगी का राज़ है,
सबूत है कि ज़िंदगी परमेश्वर का तोहफ़ा है। बहुत से लोग मानते नहीं, जीवन का स्रोत परमेश्वर है,
मगर वो भोगते हैं सबकुछ
जो आता है परमेश्वर की ओर से।अधिक पढ़ें »

एक विशेष फैलोशिप की मदद से आप यह जान सकोंगे कि कैसे प्रतिकूल चीजों को स्वीकार करें

अरबी, फिलीपींस द्वारा

व्यस्त और उदास दिन के बाद, अरबी अकेले शाम को एक पहाड़ पर चढ़ गए। मौन में बैठे, उन्होंने हाल ही में सामना की गई दुर्भाग्यपूर्ण चीजों की श्रृंखला को याद किया और बहुत उदास महसूस किया, उनके चेहरे पर अनियंत्रित रूप से आँसू बह रहे थे। कमजोरी में, वह चर्च में अपने एक अच्छे भाई विलियम को के पास अपनी निराशा को बाहर निकालने की तीव्र इच्छा रखते थे, इसलिए उन्होंने अपना सेलफोन निकाला और विलियम को एक संदेश दिया।अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Song 2020 | परीक्षण माँग करते हैं आस्था की (Lyrics)

Hindi Christian Song 2020 | परीक्षण माँग करते हैं आस्था की (Lyrics)


इम्तहानों के वक्त कमज़ोर हो सकता है इन्सान,
आ सकते हैं मन में उसके गलत ख़्याल।
परमेश्वर की इच्छा को लेकर हो सकता है स्पष्टता का अभाव उसमें,
या कौन-सा मार्ग बेहतरीन है अमल वो जिस पर करे।
मगर अय्यूब की तरह होनी चाहिये परमेश्वर के कार्य में आस्था तुम्हारी,
कमज़ोर था वो, कोसा अपने जन्म के दिन को उसने,
मगर नकारा नहीं उसने कि देता है सबकुछ परमेश्वर,
कि ले भी लेता है सबकुछ परमेश्वर।अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Video | जब मैं अट्ठारह बरस की थी

Hindi Christian Video| जब मैं अट्ठारह बरस की थी

18 बरस की उम्र में, यिलियन को उसकी आस्था की वजह से सीसीपी द्वारा गिरफ़्तार कर लिया गया था। उन्होंने उसे अपमानित करने और यातना देने, लुभाने और फुसलाने, उससे परमेश्वर को धोखा दिलवाने और भाई-बहनों के साथ गद्दारी करवाने के लिए हर तरह की चाल चली। उसने इन तकलीफ़ों के दौर में बार-बार प्रार्थना की और परमेश्वर को पुकारा…। यिलियन ने परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन में शैतान पर किस तरह विजय पायी? यह जानने के लिए देखें जब मैं अट्ठारह बरस की थी।अधिक पढ़ें »

मसीह के वचन | “जब तक तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देखोगे, तब तक परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नया बना चुका होगा” | अंश 75

मसीह के वचन | “जब तक तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देखोगे, तब तक परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नया बना चुका होगा” | अंश 75

फरीसियों ने यीशु का विरोध क्यों किया, क्या तुम लोग उसका कारण जानना चाहते हो? क्या तुम फरीसियों के सार को जानना चाहते हो? वे मसीहा के बारे में कल्पनाओं से भरे हुए थे। इससे ज्यादा और क्या, उन्होंने केवल इस बात पर विश्वास किया कि मसीहा आएगा, मगर जीवन के इस सत्य की खोज नहीं की। और इसलिए, वे आज भी मसीहा की प्रतीक्षा करते हैं, क्यों उन्हें जीवन के मार्ग के बारे में कुछ भी ज्ञान नहीं है, और नहीं जानते कि सत्य का मार्ग क्या है? अधिक पढ़ें »

जब तक तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देखोगे, तब तक परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नया बना चुका होगा

परमेश्वर लौटा है: क्या आप जानते हैं कि हमें अभी तक क्यों नहीं मिला है?

हाल ही में, मैंने एक समूह में एक ऑनलाइन बाइबल अध्ययन में भाग लिया और मैंने सुना कि परमेश्वर मनुष्य के पुत्र के रूप देहधारी होकर लौटे हैं। मुझे आश्चर्य हुआ: क्या परमेश्वर बादलों के साथ नहीं आया है? पादरी हमेशा कहते हैं, “परमेस्वर बादलों के बीच लौट आएगा, और जो भी उपदेश कहता है कि परमेश्वर देह में आता है वह मिथ्या है।” इससे क्या हो रहा है?

जब मैंने इंटरनेट पर आने वाले परमेश्वर के बारे में जानकारी खोजी, तो मुझे शीर्षक “.” नामक सुविधा पृष्ठ ने आकर्षित किया। मैंने इसे पढ़ने के लिए क्लिक किया और तब मुझे महसूस हुआ कि हम सभी ने परमेश्वर की वापसी का स्वागत करते हुए एक गलत रास्ता अपनाया है। दोस्तों, क्या आप जानना चाहते हैं कि कुछ लोगों ने पहले ही परमेश्वर का स्वागत क्यों किया है जबकि हमने अभी तक उनका स्वागत नहीं किया है?

 प्रभु यीशु की वापसीअधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “परमेश्वर के स्वभाव और उसका कार्य जो परिणाम हासिल करेगा, उसे कैसे जानें” | अंश 8

परमेश्वर के मार्ग पर चलें: परमेश्वर का भय मानें और बुराई से दूर रहें

एक कहावत है जिस पर तुम सब को ध्यान देना चाहिए। मेरा मानना है कि यह कहावत अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मेरे मन में हर दिन अनगिनत बार आती है। ऐसा क्यों है? क्योंकि जब भी मैं किसी के सामने होता हूँ, जब भी मैं किसी की कहानी सुनता हूँ, जब भी मैं परमेश्वर पर विश्वास करने के विषय में किसी व्यक्ति का अनुभव या उनकी गवाही को सुनता हूँ, तब मैं हमेशा यह तौलने के लिए इस कहावत का उपयोग करता हूँ कि वह व्यक्ति उस प्रकार का इंसान है या नहीं जिसे परमेश्वर चाहता है, और उस प्रकार का इंसान है या नहीं जिसे परमेश्वर पसन्द करता है। अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Song | परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने के फ़ायदे (Lyrics)

Hindi Christian Song | परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने के फ़ायदे (Lyrics)


ईश्वर के आगे आने,
उसके वचनों को जीवन बनाने,
तुम्हें पहले शांत होना होगा उसके सामने।अधिक पढ़ें »

अंतिम दिनों के ईश्वर के निर्णय को स्वीकार करना हमारे लिए पूर्णतया सहेजे जाने और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए महत्वपूर्ण है।

अंतिम दिनों के ईश्वर के निर्णय को स्वीकार करना हमारे लिए पूर्णतया सहेजे जाने और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए महत्वपूर्ण है।

रमेश्वर में विश्वासियों को लगता है कि उनके पापों को क्षमा कर देने के बाद वे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं। क्या यह वास्तव में सच है? आइए स्वयं देखें। हम अब भी अनजाने में पाप करते हैं और हर दिन परमेश्वर का विरोध करते हैं। प्रभु ने हमें स्पष्ट रूप से कहा, “मैं तुम से सच-सच कहता हूँ कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है। और दास सदा घर में नहीं रहता; पुत्र सदा रहता है” (यूहन्ना 8:34-35)। यह देखा जा सकता है कि जो लोग अक्सर पाप करते हैं वे पाप के सेवक हैं, और वे परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने के लिए योग्य नहीं हैं।अधिक पढ़ें »

प्रभु की वापसी के बारे में किसकी सुनें?

उस रविवार कलीसिया जाकर मैंने पादरी से पूछा, उन्होंने कहा, “सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विश्वासी जो प्रचार करते हैं उसमें तथ्य है, लेकिन वे गवाही देते हैं कि प्रभु सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में देह में लौट आया है। यह संभव नहीं है। केवल प्रभु यीशु ही देहधारी परमेश्वर है, वे एक मनुष्य में विश्वास करते हैं। उनकी कलीसिया को चीनी कम्युनिस्ट सरकार द्वारा सताया जा रहा है, चमकती पूर्वी बिजली में विश्वास करना प्रभु यीशु के साथ विश्वासघात होगा।” यह सुनकर डर के मारे मेरे हाथ-पैर ढीले पड़ गए। मैंने सोचा, अगर यह बात सही है तो बहन लियू और भाई डुआन प्रभु से जरूर भटक चुके हैं। मेरे मन में उनके बारे में संदेह पैदा होने लगा और मैं चौकन्नी हो गई। मैं अब उनसे मिलना नहीं चाहती थी।अधिक पढ़ें »

अंत के दिनों के मसीह को त्यागना पवित्र आत्मा की ईश-निंदा है | Hindi Christian Song With Lyrics

अंत के दिनों में प्रकट हुआ है मसीह,
ताकि सच्चा विश्वास है उसमें जिन्हें,
दिया जा सके जीवन उन्हें, दिया जा सके जीवन उन्हें।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के प्रकटन की तलाश के लिए राष्ट्रीयता और जातीयता की धारणाएं तोड़ डालो

 परमेश्वर कहते हैं, “इस बात की परवाह किए बिना कि तुम अमेरिकी हो, ब्रिटिश हो या किसी अन्य देश के हो, तुम्हें अपनी राष्ट्रीयता की सीमाओं से बाहर कदम रखना चाहिए, अपनी अस्मिता के पार जाना चाहिए, और एक सृजित प्राणी के दृष्टिकोण से परमेश्वर के कार्य को देखना चाहिए। इस तरह, तुम परमेश्वर के पदचिह्नों को सीमाओं में नहीं बाँधोगे।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III” | अंश 71

सात बार के सत्तर गुने तक क्षमा करो

(मत्ती 18:21-22) तब पतरस ने पास आकर उस से कहा, “हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूँ? क्या सात बार तक?” यीशु ने उससे कहा, “मैं तुझ से यह नहीं कहता कि सात बार तक वरन् सात बार के सत्तर गुने तक।”अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Movie | “तड़प” | God Reveals the Mystery of Kingdom of Heaven (Hindi Dubbed)

फ़िल्म के विषय में

कथासार:

दो हज़ार साल पहले, प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को वचन दिया था: “मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो” (यूहन्ना 14:2-3)। इस वजह से, विश्वासी लोग पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रभु के वचन के पूरा होने की उत्कट कामना और प्रार्थना करते रहे हैं, और उम्मीद और प्रार्थना करते रहे हैं कि वे स्वर्गारोहित होकर प्रभु से मिलेंगे और प्रभु के आने पर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेंगे।

यह इस फिल्म के नायक, चेन शियांगुआंग का चरित्र-चित्रण भी करती है। नायक उत्साही खोजी है, जो प्रभु के आगमन के स्वागत के लिये सुसमाचार का प्रसार करता है और प्रभु की गवाही देता है। विद्यालय से अपने पद से हटा दिये जाने और अपने परिवार के सदस्यों से समर्थन हासिल करने में नाकाम रहने के बावजूद, वह हमेशा अपने हृदय में उम्मीद बनाए रखता है। एक दिन समारोह में, चीनी कम्युनिस्ट सरकार चेन शियांगुआंग को गिरफ्तार कर कारागार में डाल देती है। अधिक पढ़ें »

2020 Hindi Christian Testimony Video | अब मुझे बाइबल और परमेश्वर के बीच का रिश्ता समझ आ गया है

मुख्य किरदार, एक ईसाई है जिसकी नज़र यूट्यूब पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की बनाई गई कुछ फ़िल्मों पर पड़ती है। उसे ये फ़िल्में सच्ची औरअपनी आस्था के लिए उपयोगी लगती है। जब वह प्रभु यीशु के लौटकर आने और उसके द्वारा परमेश्वर के घर से न्याय का कार्य शुरू करने के बारे में एक फ़िल्म देखती है, तो उसे बहुत ख़ुशी होती है और वह इसकी छानबीन करना शुरू कर देती है। अधिक पढ़ें »

जो परमेश्वर की वाणी को पहचान सकते हैं वही परमेश्वर के प्रकटन को देखने के काबिल हैं

परमेश्वर की आवाज़,परमेश्वर के प्रकटन

परमेश्वर कहते हैं, “परमेश्वर संपूर्ण मानव जाति का परमेश्वर है। वह स्वयं को किसी भी राष्ट्र या लोगों की निजी संपत्ति नहीं मानता है, बल्कि जैसी उसने योजना बनायी है उसके अनुसार वह, किसी भी रूप, राष्ट्र या लोगों द्वारा विवश हुए बिना, कार्य को करता जाता है। शायद तुमने इस रूप की कभी कल्पना भी न की हो, या शायद इस रूप के प्रति तुम्हारा दृष्टिकोण इनकार करने वाला हो, या शायद वह देश जहाँ परमेश्वर स्वयं को प्रकट करता है और जिन लोगों के बीच वह स्वयं को प्रकट करता है, वे सब ऐसे हों जिनके साथ सभी के द्वारा भेदभाव किया जाता हो और वे सब ऐसे हों जो पृथ्वी पर सर्वाधिक पिछड़े हुए हों। फिर भी परमेश्वर के पास अपनी बुद्धि है। अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Song 2020 | परीक्षण माँग करते हैं आस्था की (Lyrics)

Hindi Christian Song 2020 | परीक्षण माँग करते हैं आस्था की (Lyrics)

इम्तहानों के वक्त कमज़ोर हो सकता है इन्सान,
आ सकते हैं मन में उसके गलत ख़्याल।
परमेश्वर की इच्छा को लेकर हो सकता है स्पष्टता का अभाव उसमें,
या कौन-सा मार्ग बेहतरीन है अमल वो जिस पर करे।अधिक पढ़ें »

आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके

जिनशिंग, दक्षिणी कोरिया

भाइयो और बहनो,

आप सबको प्रभु की शांति मिले! अक्सर ही, परमेश्वर में विश्वास और उनका अनुसरण करने के हमारे समय के दौरान सभी प्रकार के आध्यात्मिक युद्ध होते हैं। पैसे, हैसियत और शोहरत को लेकर परीक्षाएं, और पुरुषों और महिलाओं के बीच प्रलोभन, साथ ही साथ अविश्वासियों द्वारा लांछन, प्रियजनों द्वारा दमन और बाधा के साथ-साथ शैतानी शासन द्वारा शिकार और सताए जाने की परीक्षाएं होती हैं। कभी-कभी पूरी तरह अप्रत्याशित आपदाएं हम पर आ पड़तीं हैं। बाइबल कहती है: “सचेत हो, और जागते रहो; क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जनेवाले सिंह के समान इस खोज में रहता है कि किस को फाड़ खाए” (पतरस 5:8)। परमेश्वर के वचन कहते हैं: “पृथ्वी पर, सब प्रकार की दुष्ट आत्माएँ आराम करने के लिए एक स्थान की ओर चुपके चुपके निरन्तर आगे बढ़ती हैं, और वे लगातार मनुष्यों की लाशों की खोज कर रही हैं कि उन्हें खा सकें” (सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के लिये परमेश्वर के कथन “वचन देह में प्रकट होता है” के “दसवाँ कथन”)।अधिक पढ़ें »