परमेश्वर के दैनिक वचन | “मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है” | अंश 79

 

परमेश्वर के दैनिक वचन | “मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है” | अंश 79

न्याय का कार्य परमेश्वर का स्वयं का कार्य है, इसलिए प्राकृतिक रूप से इसे परमेश्वर के द्वारा किया जाना चाहिए; उसकी जगह इसे मनुष्य द्वारा नहीं किया जा सकता है। क्योंकि सत्य के माध्यम से मानवजाति को जीतना न्याय है, इसलिए यह निर्विवाद है कि तब भी परमेश्वर मनुष्यों के बीच इस कार्य को करने के लिए देहधारी छवि के रूप में प्रकट होता है।अर्थात्, अंत के दिनों में, मसीह पृथ्वी के चारों ओर मनुष्यों को सिखाने के लिए और सभी सत्यों को उन्हें ज्ञात करवाने के लिए सत्य का उपयोग करेगा। यह परमेश्वर के न्याय का कार्य है। कई लोगों को परमेश्वर के दूसरे देह धारण के बारे में बुरी अनुभूति है, क्योंकि मनुष्य को यह बात स्वीकार करने में कठिनाई होती है कि न्याय का कार्य करने के लिए परमेश्वर देह बन जाएगा। तथापि, मैं तुम्हें अवश्य बता दूँ कि प्रायः परमेश्वर का कार्य मनुष्य की अपेक्षाओं से बहुत अधिक होता है और मनुष्य के मन इसे स्वीकार करने में कठिनाई महसूस करते हैं।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 267

परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 267

बाइबल किस प्रकार की पुस्तक है? पुराना विधान व्यवस्था के युग के दौरान किया गया परमेश्वर का कार्य है। बाइबल के पुराने विधान में व्यवस्था के युग के दौरान किया गया यहोवा का समस्त कार्य और उसका सृष्टि के निर्माण का कार्य दर्ज है। इसमें यहोवा द्वारा किया गया समस्त कार्य दर्ज है, और वह अंततः मलाकी की पुस्तक के साथ यहोवा के कार्य का वृत्तांत समाप्त करता है। पुराने विधान में परमेश्वर द्वारा किए गए दो तरह के कार्य दर्ज हैं : एक सृष्टि की रचना का कार्य, और दूसरा व्यवस्था की आज्ञा देना। दोनों ही यहोवा द्वारा किए गए कार्य थे। व्यवस्था का युग यहोवा परमेश्वर के नाम से किए गए कार्य का प्रतिनिधित्व करता है; यह मुख्यतः यहोवा के नाम से किए गए कार्य की समग्रता है। इस प्रकार, पुराने विधान में यहोवा का कार्य दर्ज है, और नए विधान में यीशु का कार्य, वह कार्य जिसे मुख्यतः यीशु के नाम से किया गया था। यीशु के नाम का महत्व और उसके द्वारा किया गया कार्य अधिकांशत: नए विधान में दर्ज हैं। पुराने विधान के व्यवस्था के युग के दौरान यहोवा ने इस्राएल में मंदिर और वेदी का निर्माण किया, उसने यह साबित करते हुए पृथ्वी पर इस्राएलियों के जीवन का मार्गदर्शन किया कि वे उसके चुने हुए लोग हैं, उसके द्वारा पृथ्वी पर चुने गए उसके मनोनुकूल लोगों का पहला समूह हैं, वह पहला समूह, जिसकी उसने व्यक्तिगत रूप से अगुआई की थी। इस्राएल के बारह कबीले यहोवा के चुने हुए पहले लोग थे, और इसलिए उसने, व्यवस्था के युग के यहोवा के कार्य का समापन हो जाने तक, हमेशा उनमें कार्य किया। कार्य का दूसरा चरण नए विधान के अनुग्रह के युग का कार्य था, और उसे यहूदी लोगों के बीच, इस्राएल के बारह कबीलों में से एक के बीच किया गया था। उस कार्य का दायरा छोटा था, क्योंकि यीशु देहधारी हुआ परमेश्वर था। यीशु ने केवल यहूदिया की पूरी धरती पर काम किया, और सिर्फ साढ़े तीन वर्षों का काम किया; इस प्रकार, जो कुछ नए विधान में दर्ज है, वह पुराने विधान में दर्ज कार्य की मात्रा से आगे निकलने में सक्षम नहीं है।

— ‘बाइबल के विषय में (1)’ से उद्धृत


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ग ह्वा नामक महिला दक्षिणी चीन की एक गृह कलीसिया की प्रचारिका हैं। प्रभु में विश्वास करना शुरू करने के बाद, उन्‍होंने बाइबल में पाया कि पुराने नियम में परमेश्वर को यहोवा कहा जाता था, और नये नियम में यीशु। परमेश्वर के अलग-अलग नाम क्यों हैं?इस सवाल ने वांग ह्वा को बड़े असमंजस में डाल दिया। उन्होंने बाइबल में इसका जवाब ढूँढ़ने की कोशिश की, लेकिन इसका रहस्य उन्हें समझ नहीं आया …. अधिक पढ़ें »

ईसाई प्रतिबिंब : क्या आप वास्तव में प्रभु यीशु की आराधना कर रहे हैं?

हर साल, जैसे जैसे क्रिसमस करीब आता है, सड़क पर दुकानें सांता क्लॉस और क्रिसमस ट्री के साथ क्रिसमस उपहारों के चमकदार प्रदर्शनी की व्यवस्था करती हैं। पेड़ों और इमारतों पर कई रंगीन रोशनियाँ लगी होती हैं, और पूरे शहर लालटेन और रंगीन झालरों से सजे होते हैं, और हर जगह आनंद और जोश होता है। ईसाई धर्म के लिए, क्रिसमस एक बहुत ही खास समय है, और क्रिसमस से कई महीने पहले से, कई कलिसियायें क्रिसमस के अवकाश के लिए आवश्यक सभी चीज़ें तैयार करने में व्यस्त होने लगती हैं। क्रिसमस के दिन, कलिसियायें भर जाती हैं, और भाई-बहन उत्सव में शामिल होते हैं, क्रिसमस की दावत खाते हैं, नाटकों का मंचन करते हैं और प्रभु यीशु की आराधना करते हैं, आदि। हर किसी का चेहरा खुशियों से चमकता है। अधिक पढ़ें »

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन “क्या परमेश्वर का कार्य इतना सरल है, जितना मनुष्य कल्पना करता है?”

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परमेश्वर पर विश्वास करने वाले व्यक्ति के रूप में, तुम को यह समझना चाहिए कि, आज, इन अंतिम दिनों में परमेश्वर का कार्य और तुम में परमेश्वर की योजना के सारे कार्य को पाने में, तुमने परमेश्वर की ओर से उत्कर्ष और को वास्तव में पा लिया है।समस्त ब्रम्हांड में परमेश्वर के सारे कार्य ने इसी एक जनसमूह पर ध्यान केंद्रित किया है। उसने अपने सभी प्रयास तुम लोगों के लिये समर्पित किये और तुम्हारे लिये सब कुछ बलिदान किया है, उसने फिर से दावा किया है और समस्त ब्रम्हांड में तुम लोगों के लिये पवित्रा आत्मा के सभी काम दिये हैं। यही कारण है कि मैं कहता हूं, तुम सभी सौभाग्यशाली हो। और यही नहीं, अपनी महिमा को इस्राएल से, अर्थात उसके चुने हुए लोगों से हटाया है, और तुम लोगों को दिया है, ताकि उसकी योजना के उद्देश्यों को तुम्‍हारे जनसमूह के द्वारा पूर्ण रूप से प्रकट करे। इस कारण तुम सभी वे लोग हो जो परमेश्वर की विरासत को पाएंगे, और इससे भी अधिक परमेश्वर की महिमा के वारिस ठहरेंगे। संभवतः तुम सबको ये वचन स्मरण होंगे: “क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।” अतीत में तुम सबने यह बात सुनी है तो भी किसी ने इन वचनों का सही अर्थ नहीं समझा। आज, तुम सभी अच्छे से जानते हो कि उनका वास्तविक महत्व क्या है। ये वह वचन है जिन्हें परमेश्वर अंतिम दिनों में पूरा करेगा। अधिक पढ़ें »

त्मिक शरीर को देखोगे, तब तक परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नया बना चुका होगा” | अंश 76

परमेश्वर के दैनिक वचन | “जब तक तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देखोगे, तब तक परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नया बना चुका होगा” | अंश 76

तुम लोगों की सत्यनिष्ठा सिर्फ़ वचनों में है, तुम लोगों का ज्ञान सिर्फ़ बौद्धिक और वैचारिक है, तुम लोगों की मेहनत सिर्फ स्वर्ग की आशीषें पाने के लिए है, और इसलिए तुम लोगों का विश्वास अवश्य ही किस प्रकार का हो सकता है? आज भी, तुम लोग सत्य के प्रत्येक वचन को एक बहरे कान से ही सुनते हो। तुम लोग नहीं जानते हो कि परमेश्वर क्या है, तुम लोग नहीं जानते हो कि ईसा क्या है, तुम लोग नहीं जानते हो कि यहोवा का आदर कैसे करें, तुम लोग नहीं जानते हो कि कैसे पवित्र आत्मा के कार्य में प्रवेश किया जाए, और तुम लोग नहीं जानते हो कि परमेश्वर के स्वंय के कार्य और मनुष्य के धोखे के बीच कैसे भेद करें। तुम परमेश्वर के द्वारा व्यक्त किये गए किसी सत्य के वचन की केवल निंदा करना ही जानते हो जो तुम्हारे विचार के अनुरूप नहीं होता है। तुम्हारी विनम्रता कहाँ है? तुम्हारी आज्ञाकारिता कहाँ है? तुम्हारी सत्यनिष्ठा कहाँ है? सत्य को खोजने की तुम्हारी इच्छा कहाँ है? परमेश्वर के बारे में तुम्हारा आदर कहाँ है? मैं तुम लोगों बता दूँ, कि जो परमेश्वर में संकेतों की वजह से विश्वास करते हैं वे निश्चित रूप से उस श्रेणी के होंगे जो विनाश को झेलेगी। वे जो देह में लौटे यीशु के वचनों को स्वीकार करने में अक्षम हैं वे निश्चित रूप से नरक के वंशज, महान फ़रिश्ते के वंशज हैं, उस श्रेणी के हैं जो अनंत विनाश के अधीन की जाएगी।अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Movie “मेरे काम में दखल मत दीजिए” अंश 2 : प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के सुसमाचार को स्वीकार करना और परमेश्वर के सामने स्वर्गारोहित किया जाना

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बाइबल में, पौलुस ने कहा था, “मुझे आश्‍चर्य होता है कि जिसने तुम्हें मसीह के अनुग्रह में बुलाया उससे तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे।” (ग़लातियों 1:6) (© BSI)। पादरी और एल्‍डर्स पौलुस के इन वचनों की ग़लत व्‍याख्‍या करते हैं, और उन सभी की, जो प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के सुसमाचार को स्‍वीकार करते हैं, यह कहते हुए निंदा करते हैं कि यह स्‍वधर्म त्‍याग होगा और कि यह प्रभु के साथ विश्‍वासघात करना होगा। अधिक पढ़ें »

चीजें नहीं जोड़ने के बारे में बाइबल में प्रकाशितवाक्य 22:18 में गद्यांश का मतलब

आजकल,बड़ी-बड़ी आपदाएं आ रही हैं। प्रभु के आगमन की आगवानी करने के इस सर्वाधिक महत्वपूर्ण समय में,केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ही सार्वजनिक रूप से प्रमाणित करती है कि प्रभु यीशु पहले ही वापस आ चुका है और परमेश्वर के घर से न्याय की बात और कार्य कर रहा है। बहुत से लोग जो सचमुच प्रभु में विश्वास करते हैं,वे खोजने और जाँच करने के लिए आ रहे हैं।सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ने के बाद,उन्हें लगता है कि इन शब्दों में प्रभु यीशु के वचनों के समान ही अधिकार और सामर्थ्य है। वे सभी सत्य हैं और परमेश्वर के वचनों की तरह लगते हैं। प्रकाशित-वाक्‍य 22:18-19 में कहा गया है, “मैं हर एक को, जो इस पुस्तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूँ: यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए तो परमेश्‍वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्तक में लिखी हैं, उस पर बढ़ाएगा। और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्‍वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से, जिसका वर्णन इस पुस्तक में है, उसका भाग निकाल देगा” (प्रकाशितवाक्य 22:18-19)। इसके अनुसार,पादरी और एल्डर कहते हैं, “प्रकाशित-वाक्‍य की पुस्तक में कहा गया है कि धर्म-पुस्‍तक में न तो कुछ जोड़ा सकता है, न ही हटाया जा सकता है। अगर अब कुछ लोग ऐसी गवाही दे रहे हैं कि प्रभु लौट आया है और उसने नए वचन कहे हैं,तो यह बाइबल में कुछ जोड़ना होगा। इस प्रकार,इनमें से किसी भी दावे की पूरी तरह से जाँच नहीं की जा सकती है—यह प्रभु के साथ विश्वासघात होगा। यह बिल्‍कुल वही बात है कि कैसे वे अंत के दिनों में दूसरों को सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य का अनुसरण करने और उसकी जाँच करने से रोकने का प्रयास करते हैं,और उसके वचनों को सुनने के बाद कुछ लोगों को नहीं पता होता है कि क्या करना है। इसके बाद,हम संगति करेंगे कि कैसे परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप रहने के लिए चीजों को नहीं जोड़ने की भविष्यवाणी को पूरी तरह से समझें जिसे यूहन्ना ने प्रकाशित-वाक्‍य 22:18 में कहा था।अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Movie “मायाजाल को तोड़ दो” अंश 3 : क्या बाइबल के अतिरिक्त परमेश्वर के शब्दों का कोई अस्तित्व है?

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कुछ धार्मिक लोग मानते हैं कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में हैं, और बाइबल के अलावा परमेश्वर का कोई भी वचन और कार्य नहीं है। क्या इस तरह का विचार सत्य के अनुसार है? बाइबल कहती है, “और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक करके लिखे जाते, तो मैं समझता हूँ कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे संसार में भी न समातीं।” (यूहन्ना 21: 25) (© BSI) सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं: “परमेश्वर जो है और उसके पास जो है, वह सदैव अक्षय और असीम है।…… पुस्तकों, वचनों या उनकी अतीत की उक्तियों में परमेश्वर को सीमांकित न करो। परमेश्वर के कार्य की विशेषता के लिए केवल एक ही शब्द है—नवीन। वह पुराने रास्ते लेना या अपने कार्य को दोहराना पसंद नहीं करता, और इसके अलावा, वह नहीं चाहता कि लोग उसे एक निश्चित दायरे के भीतर सीमांकित करके उसकी आराधना करें। यह परमेश्वर का स्वभाव है।”अधिक पढ़ें »

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अगर तुम अपने ज्ञान से ईश्वर का अध्ययन करना चाहो,
तो उसे कभी न जान पाओगे,
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