2020 Hindi Christian Testimony Video | दिखावा, अब और नहीं | मसीही जीवन

2020 Hindi Christian Testimony Video | दिखावा, अब और नहीं | मसीही जीवन

मोवेन कलीसिया में एक सुसमाचार उपयाजक है। अपने भाई-बहनों के काम में कुछ समस्याएँ सुलझा देने और अपने काम में कुछ हासिल कर लेने के कारण वह खुद को बाकी सभी लोगों से बेहतर समझने लगता है। वह अपनी हर बात और हर काम में, अपने गुणों और काबिलियत की शेखी बघारता है, और दिखावा करता है कि अपने कर्तव्य के लिए वह किस तरह कष्ट झेलता है।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का ज़रूरी रास्ता | Hindi Christian Song With Lyrics

परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का ज़रूरी रास्ता | Hindi Christian Song With Lyrics

ईश्वर का भय मानने का अर्थ नहीं
अनजान डर, बच निकलना, मूर्ति पूजन या अंधविश्वास।
बल्कि, ईश्वर का भय मानने का अर्थ है
प्रशंसा, विश्वास, सम्मान, समझ, देखभाल, आज्ञापालन करना।
ये है पवित्रीकरण, प्रेम, पूर्ण आराधना,
प्रतिदान, समर्पण बिन शिकायत के।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर का वचन इन हिंदी | “आरंभ में मसीह के कथन : अध्याय 15 | अंश 51

परमेश्वर का वचन इन हिंदी| “आरंभ में मसीह के कथन : अध्याय 15 | अंश 51

सभी कलीसियाओं में परमेश्वर पहले से ही प्रकट हो चुका है। आत्मा बोल रहा है, वह एक प्रबल अग्नि है, उसमें महिमा है और वह न्याय कर रहा है; वह मनुष्य का पुत्र है, जो पाँवों तक का वस्त्र पहने हुए है और छाती पर सोने की पटुका बाँधे हुए है। उसके सिर और बाल श्‍वेत ऊन के समान उज्ज्वल हैं, और उसकी आँखें आग की ज्वाला के समान हैं; उसके पाँव उत्तम पीतल के समान हैं, मानो भट्ठी में तपे हुए हों; और उसके वचन अनेक जलों के समान हैं। वह अपने दाहिने हाथ में सात तारे लिए हुए है, और उसके मुख में तेज़ दोधारी तलवार है और उसका मुँह ऐसा प्रज्‍वलित है, जैसे सूर्य कड़ी धूप के समय चमकता हो!अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है” | अंश 71

परमेश्वर की छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना समाप्त हो रही है, और राज्य का द्वार उन सभी लोगों के लिए पहले से ही खोल दिया गया है, जो उसका प्रकटन चाहते हैं। प्रिय भाइयो और बहनो, तुम लोग किस चीज़ की प्रतीक्षा कर रहे हो? वह क्या है, जो तुम खोजते हो? क्या तुम परमेश्वर के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हो? क्या तुम उसके पदचिह्न खोज रहे हो? परमात्मा के दर्शन के लिए व्यक्ति कैसे लालायित होता है! और परमेश्वर के पदचिह्नों को पाना कितना कठिन है! इस तरह के युग में, इस तरह की दुनिया में, हमें उस दिन को देखने के लिए क्या करना चाहिए, जिस दिन परमेश्वर प्रकट होता है? हमें परमेश्वर के पदचिह्नों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए? इस तरह के प्रश्नों से उन सभी का सामना होता है, जो परमेश्वर के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। तुम लोगों ने उन सभी पर एक से अधिक अवसरों पर विचार किया है—लेकिन परिणाम क्या रहा? परमेश्वर कहाँ प्रकट होता है? परमेश्वर के पदचिह्न कहाँ हैं? क्या तुम लोगों को उत्तर मिल गया है? बहुत-से लोग इस तरह उत्तर देंगे : “परमेश्वर उन सभी के बीच प्रकट होता है, जो उसका अनुसरण करते हैं और उसके पदचिह्न हमारे बीच में हैं; यह इतना आसान है!” कोई भी फार्मूलाबद्ध उत्तर दे सकता है, किंतु क्या तुम लोग समझते हो कि परमेश्वर के प्रकटन या उसके पदचिह्नों का क्या अर्थ है? परमेश्वर का प्रकटन व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करने के लिए उसके पृथ्वी पर आगमन को संदर्भित करता है। अपनी स्वयं की पहचान और स्वभाव के साथ, और अपने जन्मजात तरीके से वह एक युग का आरंभ करने और एक युग का अंत करने के कार्य का संचालन करने के लिए मनुष्यजाति के बीच उतरता है।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 266

परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 266

परमेश्वर द्वारा व्यवस्था के युग का कार्य कर लेने के बाद पुराना विधान बनाया गया और तब से लोगों ने बाइबल पढ़ना शुरू कियायीशु ने आने के बाद अनुग्रह के युग का कार्य किया, और उसके प्रेरितों ने नया विधान लिखा। इस प्रकार बाइबल के पुराने और नए विधान की रचना हुई, और आज तक वे सभी लोग, जो परमेश्वर में विश्वास करते हैं, बाइबल पढ़ते रहे हैं। बाइबल इतिहास की पुस्तक है। निस्संदेह, उसमें नबियों की कुछ भविष्यवाणियाँ भी शामिल हैं, और वे भविष्यवाणियाँ किसी भी मायने में इतिहास नहीं हैं। बाइबल में अनेक भाग शामिल हैं—उसमें केवल भविष्यवाणियाँ ही नहीं हैं, या केवल यहोवा का कार्य ही नहीं है, और न ही उसमें मात्र पौलुस के धर्मपत्र हैं। तुम्हें ज्ञात होना चाहिए कि बाइबल में कितने भाग शामिल हैं; पुराने विधान में उत्पत्ति, निर्गमन…शामिल हैं, और उसमें नबियों द्वारा लिखी गई भविष्यवाणियों की पुस्तकें भी हैं। अंत में, पुराना विधान मलाकी की पुस्तक के साथ समाप्त होता है। इसमें व्यवस्था के युग के कार्य को दर्ज किया गया है, जिसकी अगुआई यहोवा द्वारा की गई थी; उत्पत्ति से लेकर मलाकी की पुस्तक तक, यह व्यवस्था के युग के समस्त कार्य का विस्तृत अभिलेख है। अधिक पढ़ें »

क्या ऐसा हो सकता है कि परमेश्वर केवल पुरुष के रूप में देहधारण ले सकता है?

प्रश्न: हम सालों से प्रभु के वापस लौटने की बाट जोह रहें हैं। जब हमने सुना कि आप गवाही दे रहे हैं कि प्रभु यीशु देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस लौट आए हैं, और वह सत्य व्यक्त कर रहे हैं और न्याय और ताड़ना का कार्य कर रहे हैं, तो हमने फैसला किया कि हम प्रभु के वचनों के अनुसार पहलकदमी और सत्य मार्ग का अन्वेषण करेंगे, लेकिन जब हमें पता चला कि प्रभु ने इस बार एक स्त्री के रूप में देहधारण किया है, तो हमारे अंदर संदेह पैदा हो गया। सालों पहले प्रभु यीशु का देहधारण पुरुष का था, और परमेश्वधर का लिंग पुरुष का है, इसलिए वापस लौटने वाले प्रभु को भी पुरुष ही होना चाहिए। वह संभवतः स्त्री कैसे हो सकते हैं? यह चीज हमारी समझ से बाहर है, तो क्या आप हमें यह चीज समझा सकते हैं?

हिंदी बाइबल स्टडी|बाइबल के प्रश्नों के उत्तरअधिक पढ़ें »

परमेश्वर के दैनिक वचन | “विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए” | अंश 392

परमेश्वर के दैनिक वचन | “विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए” | अंश 392

बीते समयों में, अनेक लोग मनुष्य की महत्वाकांक्षा और धारणाओं के साथ मनुष्य की आशाओं के लिए आगे बढ़े। अब इन मामलों पर चर्चा नहीं की जाएगी। कुंजी है अभ्यास का ऐसा ढंग खोजना जो तुम में से हर एक को परमेश्वर के सम्मुख एक सामान्य स्थिति बनाये रखने और धीरे-धीरे शैतान के प्रभाव की बेड़ियों को तोड़ डालने में सक्षम करे, ताकि तुम परमेश्वर को प्राप्त हो सको और पृथ्वी पर वैसे जियो जैसे परमेश्वर तुमसे चाहता है। केवल इसी से परमेश्वर की इच्छा पूरी हो सकती है। परमेश्वर में विश्वास तो बहुत से लोग करते हैं, फिर भी न तो यह जानते हैं कि परमेश्वर क्या चाहता है और न ही यह कि शैतान क्या चाहता है। वे मूर्खता से विश्वास करते हैं और दूसरों का अंधानुकरण करते हैं, और इसलिए उनके पास कभी भी एक सामान्य ईसाई जीवन नहीं होता; मनुष्य का परमेश्वर के साथ जो सामान्य संबंध है वो होना तो दूर, उनके पास सामान्य व्यक्तिगत संबंध तक नहीं होते। इससे यह देखा जा सकता है कि मनुष्य की समस्याएं और गलतियां, और दूसरे कारण जो परमेश्वर की इच्छा के आड़े आते हैं बहुत हैं।अधिक पढ़ें »

परमेश्वर के वचनों से दूर नहीं जा सकता कोई | Christian devotional song in hindi

परमेश्वर के वचनों से दूर नहीं जा सकता कोई | Christian devotional song in hindi

ये तथ्य है कि परमेश्वर अपने वचनों को,
पूरी कायनात पर राज करने,
इन्सान को जीतने के लिए, काम में लायेगा।


पवित्रात्मा लोगों को एक एहसास देता है।
जो पढ़ते हैं परमेश्वर के दिए गये वचनों को,
उनके दिल शांत, सहज होते हैं,
जिन्हें वचन नहीं मिलते,
वे खालीपन महसूस करते हैं।
परमेश्वर के वचनों का सामर्थ्य कुछ ऐसा है
और सभी को इन वचनों को पढ़ना ही चाहिए।
इन्हें पढ़कर लोग पोषित और मजबूत होते हैं।
पढ़ें तो निरोग, न पढ़ें तो निस्तेज होते हैं।
यही मायने हैं परमेश्वर और उसके वचनों के धरती पर राज के।

भविष्य का पथ है ऐसा:
जिन्होंने पाया वचन, मिलेगी राह उन्हें,
राह इस संसार में।
चाहे वो करता हो कोई भी कारोबार,
गर उसके पास नहीं है वचन तो,
उसके लिए एक कदम भी चलना मुश्किल होगा,
उसे होना पड़ेगा मजबूर सच्चे मार्ग को ढूंढने के लिए।
इस बात का मतलब है ये सत्य संग पूरे संसार में चलोगे तुम,
सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम;
हाँ सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम।

कुछ लोग परमेश्वर के कार्य से थक जाते हैं या छोड़ जाना चाहते हैं।
लेकिन फिर भी वे परमेश्वर के वचनों से दूर नहीं जा सकते हैं।
भले ही कमज़ोर हैं वे,
पर जीने के लिए वचनों पर उन्हें निर्भर होना होगा।
भले ही हैं विद्रोही वो,
वचनों से दूर जाने का साहस नहीं करते।
परमेश्वर के वचन जब अपना सामर्थ्य दिखाते हैं,
तब उसके शासन और शक्ति का उपयोग होता है,
कोई भी उसके वचनों को छोड़ कर नहीं जा सकता है,
परमेश्वर इस तरह काम करता है।
ईश्वर के वचन फैलेंगे असंख्य घरों में,
सभी द्वारा जाने जायेंगे।
केवल तभी फैलेगा उसका काम पूरी दुनिया में।

भविष्य का पथ है ऐसा:
जिन्होंने पाया वचन, मिलेगी राह उन्हें,
राह इस संसार में।
चाहे वो करता हो कोई भी कारोबार,
गर उसके पास नहीं है वचन तो,
उसके लिए एक कदम भी चलना मुश्किल होगा,
उसे होना पड़ेगा मजबूर सच्चे मार्ग को ढूंढने के लिए।
इस बात का मतलब है ये सत्य संग पूरे संसार में चलोगे तुम,
सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम;
हाँ सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम।

परमेश्वर की महिमा के दिन,
उसके वचन सामर्थ्य, अधिकार दिखाते हैं।
उसके वचन आरम्भ से अंत तक सच होंगे, पूरे होंगे।
इस तरह, परमेश्वर की धरती पर महिमा होगी,
और इसका मतलब है ये कि उसके वचन धरा पर शासन करेंगे।

भविष्य का पथ है ऐसा:
जिन्होंने पाया वचन, मिलेगी राह उन्हें,
राह इस संसार में।
चाहे वो करता हो कोई भी कारोबार,
गर उसके पास नहीं है वचन तो,
उसके लिए एक कदम भी चलना मुश्किल होगा,
उसे होना पड़ेगा मजबूर सच्चे मार्ग को ढूंढने के लिए।
इस बात का मतलब है ये सत्य संग पूरे संसार में चलोगे तुम,
सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम;
हाँ सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम।

“मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से


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एक अवसर पर मैंने एक बातचीत सुनी जो कुछ इस तरह चल रही थी:

अ: “सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया गवाही देती है कि प्रभु यीशु लौट आया है, कि वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर है, और यह कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर सत्यों को व्यक्त करता है और न्याय का कार्य करता है। हमें यह देखने के लिए कि क्या यह वास्तव में प्रभु की वापसी है, सच्चे मार्ग की जाँच-पड़ताल करनी चाहिए?”अधिक पढ़ें »

Hindi Christian Movie | परमेश्‍वर का नाम बदल गया है?! | Revealing the Mystery of God’s Name

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ग ह्वा नामक महिला दक्षिणी चीन की एक गृह कलीसिया की प्रचारिका हैं। प्रभु में विश्वास करना शुरू करने के बाद, उन्‍होंने बाइबल में पाया कि पुराने नियम में परमेश्वर को यहोवा कहा जाता था, और नये नियम में यीशु। परमेश्वर के अलग-अलग नाम क्यों हैं? इस सवाल ने वांग ह्वा को बड़े असमंजस में डाल दिया। उन्होंने बाइबल में इसका जवाब ढूँढ़ने की कोशिश की, लेकिन इसका रहस्य उन्हें समझ नहीं आया …. लेकिन वे दृढ़ता से विश्वास करती थीं कि स्वर्ग के अंतर्गत मनुष्यों के लिए दूसरा कोई नाम नहीं दिया गया है, इसलिए अकेले यीशु ही उद्धारक हैं, और जब तक हम यीशु के नाम पर कायम रहेंगे, हमें स्वर्ग के राज्य में अवश्य आरोहित कर दिया जाएगा। फिर भी एक दिन, वांग ह्वा ने एक चौंका देनेवाली खबर सुनी: परमेश्वर का नाम बदल गया है! उसके बाद उनके दिल में जिज्ञासा जाग गई और वे शांत नहीं रह पायीं…
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