लेखक: lordjesusreturning
परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का ज़रूरी रास्ता | Hindi Christian Song With Lyrics
परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का ज़रूरी रास्ता | Hindi Christian Song With Lyrics
अनजान डर, बच निकलना, मूर्ति पूजन या अंधविश्वास।
बल्कि, ईश्वर का भय मानने का अर्थ है
प्रशंसा, विश्वास, सम्मान, समझ, देखभाल, आज्ञापालन करना।
ये है पवित्रीकरण, प्रेम, पूर्ण आराधना,
प्रतिदान, समर्पण बिन शिकायत के।अधिक पढ़ें »
परमेश्वर का वचन इन हिंदी | “आरंभ में मसीह के कथन : अध्याय 15 | अंश 51
परमेश्वर का वचन इन हिंदी| “आरंभ में मसीह के कथन : अध्याय 15 | अंश 51
परमेश्वर के दैनिक वचन | “परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है” | अंश 71
परमेश्वर की छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना समाप्त हो रही है, और राज्य का द्वार उन सभी लोगों के लिए पहले से ही खोल दिया गया है, जो उसका प्रकटन चाहते हैं। प्रिय भाइयो और बहनो, तुम लोग किस चीज़ की प्रतीक्षा कर रहे हो? वह क्या है, जो तुम खोजते हो? क्या तुम परमेश्वर के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हो? क्या तुम उसके पदचिह्न खोज रहे हो? परमात्मा के दर्शन के लिए व्यक्ति कैसे लालायित होता है! और परमेश्वर के पदचिह्नों को पाना कितना कठिन है! इस तरह के युग में, इस तरह की दुनिया में, हमें उस दिन को देखने के लिए क्या करना चाहिए, जिस दिन परमेश्वर प्रकट होता है? हमें परमेश्वर के पदचिह्नों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए? इस तरह के प्रश्नों से उन सभी का सामना होता है, जो परमेश्वर के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। तुम लोगों ने उन सभी पर एक से अधिक अवसरों पर विचार किया है—लेकिन परिणाम क्या रहा? परमेश्वर कहाँ प्रकट होता है? परमेश्वर के पदचिह्न कहाँ हैं? क्या तुम लोगों को उत्तर मिल गया है? बहुत-से लोग इस तरह उत्तर देंगे : “परमेश्वर उन सभी के बीच प्रकट होता है, जो उसका अनुसरण करते हैं और उसके पदचिह्न हमारे बीच में हैं; यह इतना आसान है!” कोई भी फार्मूलाबद्ध उत्तर दे सकता है, किंतु क्या तुम लोग समझते हो कि परमेश्वर के प्रकटन या उसके पदचिह्नों का क्या अर्थ है? परमेश्वर का प्रकटन व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करने के लिए उसके पृथ्वी पर आगमन को संदर्भित करता है। अपनी स्वयं की पहचान और स्वभाव के साथ, और अपने जन्मजात तरीके से वह एक युग का आरंभ करने और एक युग का अंत करने के कार्य का संचालन करने के लिए मनुष्यजाति के बीच उतरता है।अधिक पढ़ें »
परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 266
परमेश्वर के दैनिक वचन | “बाइबल के विषय में (1)” | अंश 266
क्या ऐसा हो सकता है कि परमेश्वर केवल पुरुष के रूप में देहधारण ले सकता है?
प्रश्न: हम सालों से प्रभु के वापस लौटने की बाट जोह रहें हैं। जब हमने सुना कि आप गवाही दे रहे हैं कि प्रभु यीशु देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस लौट आए हैं, और वह सत्य व्यक्त कर रहे हैं और न्याय और ताड़ना का कार्य कर रहे हैं, तो हमने फैसला किया कि हम प्रभु के वचनों के अनुसार पहलकदमी और सत्य मार्ग का अन्वेषण करेंगे, लेकिन जब हमें पता चला कि प्रभु ने इस बार एक स्त्री के रूप में देहधारण किया है, तो हमारे अंदर संदेह पैदा हो गया। सालों पहले प्रभु यीशु का देहधारण पुरुष का था, और परमेश्वधर का लिंग पुरुष का है, इसलिए वापस लौटने वाले प्रभु को भी पुरुष ही होना चाहिए। वह संभवतः स्त्री कैसे हो सकते हैं? यह चीज हमारी समझ से बाहर है, तो क्या आप हमें यह चीज समझा सकते हैं?
अधिक पढ़ें »परमेश्वर के दैनिक वचन | “विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए” | अंश 392
परमेश्वर के दैनिक वचन | “विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए” | अंश 392
परमेश्वर के वचनों से दूर नहीं जा सकता कोई | Christian devotional song in hindi
परमेश्वर के वचनों से दूर नहीं जा सकता कोई | Christian devotional song in hindi
ये तथ्य है कि परमेश्वर अपने वचनों को,
पूरी कायनात पर राज करने,
इन्सान को जीतने के लिए, काम में लायेगा।
Ⅰ
पवित्रात्मा लोगों को एक एहसास देता है।
जो पढ़ते हैं परमेश्वर के दिए गये वचनों को,
उनके दिल शांत, सहज होते हैं,
जिन्हें वचन नहीं मिलते,
वे खालीपन महसूस करते हैं।
परमेश्वर के वचनों का सामर्थ्य कुछ ऐसा है
और सभी को इन वचनों को पढ़ना ही चाहिए।
इन्हें पढ़कर लोग पोषित और मजबूत होते हैं।
पढ़ें तो निरोग, न पढ़ें तो निस्तेज होते हैं।
यही मायने हैं परमेश्वर और उसके वचनों के धरती पर राज के।
भविष्य का पथ है ऐसा:
जिन्होंने पाया वचन, मिलेगी राह उन्हें,
राह इस संसार में।
चाहे वो करता हो कोई भी कारोबार,
गर उसके पास नहीं है वचन तो,
उसके लिए एक कदम भी चलना मुश्किल होगा,
उसे होना पड़ेगा मजबूर सच्चे मार्ग को ढूंढने के लिए।
इस बात का मतलब है ये सत्य संग पूरे संसार में चलोगे तुम,
सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम;
हाँ सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम।
Ⅱ
कुछ लोग परमेश्वर के कार्य से थक जाते हैं या छोड़ जाना चाहते हैं।
लेकिन फिर भी वे परमेश्वर के वचनों से दूर नहीं जा सकते हैं।
भले ही कमज़ोर हैं वे,
पर जीने के लिए वचनों पर उन्हें निर्भर होना होगा।
भले ही हैं विद्रोही वो,
वचनों से दूर जाने का साहस नहीं करते।
परमेश्वर के वचन जब अपना सामर्थ्य दिखाते हैं,
तब उसके शासन और शक्ति का उपयोग होता है,
कोई भी उसके वचनों को छोड़ कर नहीं जा सकता है,
परमेश्वर इस तरह काम करता है।
ईश्वर के वचन फैलेंगे असंख्य घरों में,
सभी द्वारा जाने जायेंगे।
केवल तभी फैलेगा उसका काम पूरी दुनिया में।
भविष्य का पथ है ऐसा:
जिन्होंने पाया वचन, मिलेगी राह उन्हें,
राह इस संसार में।
चाहे वो करता हो कोई भी कारोबार,
गर उसके पास नहीं है वचन तो,
उसके लिए एक कदम भी चलना मुश्किल होगा,
उसे होना पड़ेगा मजबूर सच्चे मार्ग को ढूंढने के लिए।
इस बात का मतलब है ये सत्य संग पूरे संसार में चलोगे तुम,
सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम;
हाँ सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम।
परमेश्वर की महिमा के दिन,
उसके वचन सामर्थ्य, अधिकार दिखाते हैं।
उसके वचन आरम्भ से अंत तक सच होंगे, पूरे होंगे।
इस तरह, परमेश्वर की धरती पर महिमा होगी,
और इसका मतलब है ये कि उसके वचन धरा पर शासन करेंगे।
भविष्य का पथ है ऐसा:
जिन्होंने पाया वचन, मिलेगी राह उन्हें,
राह इस संसार में।
चाहे वो करता हो कोई भी कारोबार,
गर उसके पास नहीं है वचन तो,
उसके लिए एक कदम भी चलना मुश्किल होगा,
उसे होना पड़ेगा मजबूर सच्चे मार्ग को ढूंढने के लिए।
इस बात का मतलब है ये सत्य संग पूरे संसार में चलोगे तुम,
सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम;
हाँ सत्य बिना कहीं न जा सकोगे तुम।
“मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना” से
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जब परमेश्वर आपके सच्चे दिल को देखता है, तो वह आपको प्रकाशन और मार्गदर्शन देगा आप उससे जो पूछते हैं।
क्या आप सच्चे मार्ग की जाँच के सबसे बड़े विचलन के बारे में जानते हैं?
एक अवसर पर मैंने एक बातचीत सुनी जो कुछ इस तरह चल रही थी:
अ: “सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया गवाही देती है कि प्रभु यीशु लौट आया है, कि वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर है, और यह कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर सत्यों को व्यक्त करता है और न्याय का कार्य करता है। हमें यह देखने के लिए कि क्या यह वास्तव में प्रभु की वापसी है, सच्चे मार्ग की जाँच-पड़ताल करनी चाहिए?”अधिक पढ़ें »